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मतदान सफल बनाने के लिए 150 टीमें तैनात और 23 टीमें रिजर्व

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जोगिंद्रनगर (मंडी) । नौ नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव मतदान के लिए जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र की जनता अपना नेता चुनने के लिए बेताब है। हालांकि, चुनाव आचार संहिता के तहत क्षेत्र में प्रचार और शोरगुल तो समाप्त हो गया है। लेकिन, अब चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशी मतदाताओं से घर द्वार जाकर मत मांगने से पीछे नहीं हैं। जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से लगभग 89462 मतदाता अपने नेता का चुनाव आज करेंगे। लगभग 55 पंचायतों वाले इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 127 पोलिंग बूथ हैं। यहां पर महिलाओं की तादाद अधिक होने के चलते यह भी कहा जा रहा है कि इस बार इस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे पांच प्रत्याशियों का भविष्य महिलाएं ही तय करेंगे। जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र जोगिंद्रनगर की कुल 55 पंचायतों में लगभग 45322 महिलाएं और 44140 पुरुष यहां पर अपने नेता का भविष्य तय करेंगे। पुरुषों की तुलना में लगभग 1182 महिलाओं की तादाद अधिक है। इस विधानसभा क्षेत्र में दो विकास खंड चौंतड़ा और द्रंग की पंचायतों को संजोए हुए हैं। जिसमें चौंतड़ा विकास खंड के तहत 40 पंचायतें और द्रंग विकास खंड के तहत 15 पंचायतें इस विधानसभा क्षेत्र के तहत आती हैं। चुनावों के लिए इस विधानसभा क्षेत्र के 25 पोलिंग बूथ को संवेदनशील घोषित किया गया है। जिसमें चांदनी, मटरू, सगनेहड़-1, सगनेहड़-11, चौंतड़ा-1, चौंतड़ा-11, डोहग, ढेलू-1, ढेलू-11, कुडनी-1, कुडनी-1, भराड़ू-1, भराड़ू-11, करसाल, खलईहरडू, दलेड़, भड़ोल, भरां, उपरली गागल, कधार, तुलाह, द्रुब्बल, लडवांण बुरहली, मकरीड़ी और टिक्करू को संवेदनशील घोषित किया गया है। 25 संवेदनशील पॉलिंग बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। 64 पोलिंग स्टेशन की वेब कास्टिंग की जाएगी। इसका कंट्रोल रूम जोगिंद्रनगर उपमंडलाधिकारी नागरिक कार्यालय में बनाया गया है। जबकि, जिला निर्वाचन कार्यालय में भी लाइव टेलीकास्ट रहेगा। उपमंडलाधिकारी नागरिक एवं निर्वाचन अधिकारी दीप्ति मंढोत्रा ने कहा कि चुनाव करवाने के लिए निर्वाचन कार्यालय ने पूरी मेहनत की है और जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के 127 पोलिंग बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों सहित लगभग एक हजार कर्मचारियों को चुनाव के लिए तैनात किया गया है। चुनाव को सफल बनाने के लिए लगभग 150 टीमों का गठन किया गया है। जबकि इसके अलावा लगभग 23 टीमों को रिजर्व रखा गया है। हर पोलिंग टीम में एक पीआरओ, एक एपीआरओ और तीन पोलिंग अधिकारी और दो पुलिस कर्मियों सहित सात सदस्यों की टीम गठित की गई है। इसके अलावा क्षेत्र के दूरदराज पोलिंग बूथों पर अतिरिक्त वीवीपैट मशीनें भेजी गई हैं। जबकि फ्लाइंग स्क्वायड और सेक्टर आफिसर के वाहनों में भी अतिरिक्त वीवीपैट मशीनें मौजूद रखी गई हैं। इसके अलावा 46 वीवीपैट मशीनों को रिजर्व रखा गया है। तकनीकी खराबी से निपटने के लिए वीवीपैट के कुशल कारीगर भी मौजूद रहेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान पर उठते संदेह को विराम देते हुए हिमाचल प्रदेश में पहली बार वीवीपैट मशीनों के प्रयोग और इसे ईवीएम के साथ जोड़ने की अनुमति प्रदान की है।
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