बालीचौकी (मंडी)। खंड विकास कार्यालय बालीचौकी के सभागार में बुधवार को वन अधिकार कानून 2006 को लेकर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता एसडीएम गोहर अनिल कुमार ने की। एसडीएम ने कहा कि इस कानून के तहत परंपरागत वन निवासियों को जंगलों के रखरखाव और प्रबंधन का कानूनी अधिकार प्रदान किया गया है। इस दौरान जिला परिषद सदस्य व डीएलसी के सदस्य संत राम ने भी सेमिनार में वन अधिकार कानून को प्रमुखता से लागू करने की वकालत की। उन्होंने लोगों से सामुदायिक दावों के अलावा व्यक्तिगत दावों को भी सामने लाने की अपील की है। संत राम ने कहा कि सरकारें इस कानून को लागू करने में अभी भी हिचकिचाहट दिखा रही हैं, जबकि यह कानून हिमाचल के लोगों के हित में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जन सहभागिता के बिना हिमाचल के जंगलों को बचाना वन विभाग के वश में नहीं है। इसलिए सरकार सख्ती से वन अधिकार कानून 2006 को लागू करे, ताकि हिमाचल के जंगल बचे रहें। इस सेमिनार में विकास खंड अधिकारी बालीचौकी चेतराम ने कहा कि शीघ्र ही पंचायत सचिवों और एफआरसी के सदस्यों का एक संयुक्त सेमिनार बालीचौकी में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत प्रतिभागियों को वन अधिकार कानून के प्रावधानों से अवगत करवाया जाएगा। इस अवसर पर पंचायत निरीक्षक कृष्ण ठाकुर, पंचायत प्रधान चंपा ठाकुर, लता देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।