जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल के सगनेहड़ गांव में दोमंजिला मकान पर बनी रसोईघर की छत अचानक गिरने से तीन लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से तीनों को बेहोशी की हालत में निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दंपती को अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में दाखिल किया गया है, जबकि घायल बेटे को छुट्टी दे दी गई है। पुलिस के अनुसार हादसा वीरवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। घटना के वक्त परिवार का मुखिया रघुवीर सिंह अपनी पत्नी कुंती देवी और बेटे विनोद कुमार के साथ घर की दूसरी मंजिल पर बने स्लेटपोश रसोईघर में मौजूद थे। इस दौरान अचानक रसोईघर की छत टूट कर गिर गई। इससे परिवार के तीनों सदस्य मलबे में दब गए। छत टूटने की आवाज सुनकर आस पास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। सभी सदस्यों को निकालने में जुट गए। सूचना जोगिंद्रनगर दमकल विभाग को भी दी। कुछ ही देर में दमकल टीम में शेर सिंह सकलानी, विरेंद्र पाल और चालक खेम सिंह मौके पर पहुंचे। एक एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय प्रशासन की ओर से संबंधित पटवारी ने नुकसान का जायजा लिया है। उधर, एसडीएम अमित मेहरा ने कहा कि हादसे में घायलों को प्रशासन की ओर से फौरी आर्थिक सहायता प्रदान कर दी है। थाना प्रभारी संदीप शर्मा ने हादसे की पुष्टि की और कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।