मंडी। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर माकपा ने मंगलवार को जिलाभर में विरोध प्रदर्शन किए। रोष स्वरूप सड़कों पर धक्के मारकर वाहन चलाए गए। तर्क दिया गया कि बढ़ती कीमतों के चलते आम आदमी गाड़ियों में तेल भरवाने में असमर्थ है। एक तरफ रोजमर्रा के उत्पादों के बढ़ते दामों ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। उस पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें महंगाई अधिक बढ़ा रही हैं। इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मोदी सरकार के चार साल-पोल खोल-हल्ला बोल का नारा प्रमुख रहा। मंडी जिला मुख्यालय में मुख्य बाजार से रैली निकाली गई और प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर नियंत्रण करने की मांग उठाई गई। पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाई एक्साइज ड्यूटी को तुरंत घटाने की मांग की है। रैली और प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के पूर्व जिला सचिव भूपेंद्र सिंह, रमेश गुलेरिया, परसराम, राजेश शर्मा, सुरेश सरवाल, अजय वैद्य, गुरदास वर्मा, सुरेंद्र कुमार ने किया। वक्ताओं ने कहा कि 17 और 22 मई तक मोदी सरकार के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाया जाएगा और 23 मार्च को दोबारा प्रदर्शन किए जाएंगे।
एशिया में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल
पार्टी नेता पूर्व जिला सचिव ने कहा कि पेट्रोल की कीमत 75 रुपये तथा डीजल की कीमत 66 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं। जिस कारण खाद्य पदार्थों और अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हो रही हैं। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में यह वृद्धि पूरे दक्षिण एशिया में सबसे अधिक है। इस वृद्धि का मुख्य कारण केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में की गई वृद्धि है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कमी हो रही है।
तो इसलिए हुई महंगाई
मोदी सरकार के कार्यकाल में ही जो एक्साइज ड्यूटी अप्रैल 2014 में 9.48 रुपये प्रति लीटर थी, वह अब बढ़कर 19.48 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोल के एक लीटर पर 47 रुपये टैक्स के रूप में तथा डीजल में 15 रुपये टैक्स के रूप में दिया जा रहा है।
चुनाव से पहले किया वायदा हवा
आवाज उठाई गई कि भाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व यह वादा जनता से किया था कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कम होने पर यहां पर भी रेट कम कर दिए जाएंगे। लेकिन, केंद्र सरकार की नीति के चलते लगातार तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और अधिकतम स्तर पर पहुंच गई है। ज्ञापन में पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाई एक्साइज ड्यूटी को तुरंत घटाने की मांग की हैं।
बालीचौकी में भी प्रदर्शन
बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। माकपा के पदाधिकारियों ने तहसीलदार बालीचौकी के माध्यम से प्रधानमंत्री को
ज्ञापन भेजा। माकपा क्षेत्रीय कमेटी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत देने की मांग उठाई। इस दौरान महेंद्र सिंह राणा, प्रकाश चंद, मीरचंद, इंद्र, शकुंतला, भगत सिंह, हिमादेवी, जय, हीरा लाल आदि मौजूद रहे।