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जंजैहली मसले पर डीसी के सामने उलझे प्रधान

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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी/जंजैहली। पुलिस पर पत्थरबाजी और लगातार कई दिनों से एसडीएम कार्यालय जंजैहली और उपतहसील छतरी की अधिसूचना रद्द होने के चलते पनपे विवाद को सुलझाने के लिए रविवार को उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर, एसपी मंडी गुरुदेव चंद जंजैहली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठक ली। लोनिवि के विश्राम गृह ओढ़ीधार में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया तथा आंदोलन को खत्म करने का आह्वान किया। उन्होंने मामले में एक समन्वय समिति का गठन करने की भी हिदायत दी है। जिसमें सभी पक्षों और सिराज के सभी क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया जाए। इसके बाद जंजैहली में बीडीओ कार्यालय में अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों की बैठक भी ली। इस बैठक में 20 से 25 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में जनप्रतिनिधि डीसी के सामने ही विवाद को लेकर उलझ पड़े। हालांकि, बाद में उपायुक्त ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को शांत किया। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से मामले पर विचार लिए। उन्होंने कहा कि सिराज एक शांत क्षेत्र है। इसे इस तरह का आंदोलन कर कश्मीर न बनाएं। पुलिस पर यदि पथराव होता है तो वह कार्रवाई करने पर विवश होंगे।
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जब तक कोर्ट का निर्णय न आए लोगों के कार्य हों सुचारु : समिति
डीसी के साथ बैठक में समिति पदाधिकारियों ने उपाध्यक्ष से मांग की है कि जब तक उच्च न्यायालय का फैसला नहीं आता, वैकल्पिक तौर से उपमंडलाधिकारी कार्यालय को यथावत कार्य करने दिए जाएं। समिति का तर्क है कि स्थानीय जनता कार्यालय बंद होने की वजह से काफी मुश्किलों का सामना कर रही है। जिस पर उपायुक्त ने समिति की मांग को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है। सिराज संघर्ष समिति की बैठक में अध्यक्ष नरेंद्र रेड्डी, उपाध्यक्ष पवन कुमार, सचिव हेतराम, सलाहकार जगदीश रेड्डी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

एक मंच पर नहीं आए प्रतिनिधि और प्रदर्शनकारी
प्रशासनिक अमला रविवार को जंजैहली तो पहुंच गया। लेकिन, संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने में असफल रहा। हालांकि, डीसी और एसपी ने दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग बैठक कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। जंजैहली और थुनाग क्षेत्र के प्रतिनिधि प्रशासन के प्रयास से एक मंच पर आ गए। लेकिन, सिराज संघर्ष समिति अपनी मांगों पर अड़ी हुई है।
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थुनागवासी बोले, चंद लोगों ने बना दिया सिराज संघर्ष मंच
रविवार को छह बजे के करीब ही डीसी जब मंडी के लिए लौट रहे थे तो थुनाग के समीप सैकड़ों लोगों ने उनसे मुलाकात की। लोगों ने जंजैहली में प्रदर्शन कर रहे सिराज संघर्ष समिति के नाम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि चंद लोग राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सिराज शब्द का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें सिराज के नाम पर संघर्ष समिति बनाने का ही हक नहीं है। ये लोग बताएं कि सिराज के लिए इन्होंने पहले क्या संघर्ष किया है। यह महज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बदनाम करने की साजिश है। यही समिति सिराज को बांटने के लिए बनाई गई है। लोगों ने पत्थरबाजों को गिरफ्तार करने मांग उठाई है।

बैठक में ये प्रतिनिधि रहे उपस्थित
जैंशला पंचायत के प्रधान कौल सिंह, उपप्रधान खेम सिंह, लंबाथाच पंचायत प्रधान चमनलाल, उप प्रधान खजान सिंह, शिवाथाना पंचायत प्रधान सावित्रा कुमारी, शिल्हीबागी पंचायत प्रधान ठाकरी देवी, बागाचनोगी पंचायत प्रधान परमदेव, उपप्रधान शिवलाल, भाटकीधार उपप्रधान शिवचंद, पखरैर प्रधान दीनानाथ, बहलीधार प्रधान ओम चंद, थुनाग पंचायत प्रधान नीलमा ठाकुर, उपप्रधान खेम सिंह, धार जरोल प्रधान कला देवी, शिकावरी प्रधान भीखम राम, बगस्याड़ प्रधान गोकुल चंद, उपप्रधान महेंद्र शर्मा, बुंगरैलचौक उपप्रधान नारायण सिंह, उपप्रधान वेद प्रकाश, तुंगाधार पंचायत प्रधान यंजना कुमारी, उपप्रधान कुंदन लाल, गुड़ाह पंचायत प्रधान कुब्जा देवी, ढीमकटारू प्रधान हुक्मा देवी और उपप्रधान शोभा राम, रोड़ पंचायत उपप्रधान टेक सिंह और जंजैहली के प्रधान नवीन कौंडल, बीडीसी सदस्य सत्य प्रकाश उपस्थित रहे। इस दौरान तहसीलदार शमशेर सिंह, डीएसपी रामकरण, उपतहसीलदार हरीश, एसएचओ सुनील कुमार, एएसआई मोहन जोशी उपस्थित रहे।
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