मंडी। चारों तरफ जहां डिजिटल इंडिया पर जोर है। वहीं, शहर में विकास योजनाओं का दम भरने वाली नगर परिषद मंडी की ऑनलाइन अदायगी जैसी योजनाएं कागजों से आगे नहीं बढ़ रही हैं। सैकड़ों गृहकरदाताओं को ऑनलाइन हाउस टैक्स सुविधा देने की बात कहकर वाहवाही बटोरने वाली नगर परिषद अभी तक शहरवासियों को यह आधुनिक सुविधा नहीं दे सकी है। यहां तक कि गृह मालिक को नगर परिषद यूनीक आईडी नंबर और पासवर्ड देने में नाकाम रही है। दूसरी तरफ टैक्स की सूचना एसएमएस से देने की योजना भी हांफ चुकी है।
अब अपनी नाक बचाने के लिए नगर परिषद इस योजना को अगले वर्ष लागू करने का दावा कर रही है। नगर परिषद मंडी शहर में नए सिरे से हाउस टैक्स वसूलने के लिए एक निजी कंपनी से सर्वे प्रस्तावित था। सर्वे के पूरा होने के बाद गृह मालिकों को यूनीक आईडी नंबर दिया जाना था। लेकिन, अभी तक यह सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान में नगर परिषद साढ़े 12 प्रतिशत के हिसाब से हाउस टैक्स वसूल रही है। इस टैक्स को अदा करने के लिए लोगों को अब भी नगर परिषद के चक्कर काटने पड़ते हैं। वहीं, लोगों को चेक या कैश के रूप में पेमेंट जमा करवानी पड़ रही है।
ये है योजना
नगर परिषद मंडी ने शहर में नए सिरे से हाउस टैक्स वसूलने के लिए कंपनी को सर्वे करने का कार्य सौंपा है। वहीं, शहरी विकास मंत्रालय ने सिटी लेबल टेक्नीकल कमेटी (सीएलटीसी) नगर परिषद मंडी में तैनात की है। कंपनी का सर्वे पूरा होने के बाद सीएलटीसी गृह मालिकों को यूनीक आईडी व पासवर्ड मिलेगा, जिससे शहरी ऑनलाइन अपना गृहकर अदा कर सकेंगे। हाउस टैक्स की उगाही के लिए नगर परिषद मंडी गेट वे मैसेज तकनीक के तहत एक क्लिक से यहां के तमाम शहरियों को मैसेज के माध्यम से सूचना देगी। मैसेज में तय सीमा में टैक्स अदा करने पर छूट व तय सीमा के बाद टैक्स अदा करने पर पेनल्टी की सूचना रहेगी।
अब नए साल में मिलेगी सुविधा
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम शर्मा ने बताया कि इस योजना को शीघ्र लागू करने के लिए नगर परिषद पुरजोर कार्य कर रही है। नए साल तक लोगों को यह सुविधा मिल जाएगी। कंपनी का सर्वे पूरा होने के तुरंत बाद गृह मालिकों को यूनीक आईडी व पासवर्ड जारी किया जाएगा, जिससे गृहकर मालिक ऑनलाइन हाउस टैक्स अदा कर सकेंगे। इसके अलावा शहरियों को एसएमएस के माध्यम से टैक्स अदा करने की सूचना दी जाएगी।