मंडी। जिले में आयुष्मान योजना का करीब 18 लोगों ने लाभ ले लिया है, जबकि 99 लोग इसका लाभ ले रहे हैं। अब तक 1451 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं और 117 लाभार्थी इस योजना के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। सबसे अधिक राहत की बात यह है कि इस योजना का लाभ जिले के छह निजी स्पेशियलिटी अस्पतालों में भी दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का निशुल्क इलाज प्रदान किया जा रहा है। यह सुविधा फैमिली फ्लोटर आधार पर प्रदान की जा रही है। अर्थात एक सदस्य या परिवार के सभी सदस्य योजना का लाभ ले सकते हैं। परिवार के सभी सदस्य इस योजना के तहत शामिल होने के पात्र हैं तथा इसमें कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. जीवानंद चौहान ने बताया कि जो भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं वह अस्पताल में जाकर अपना गोल्डन कार्ड बनवाएं और इस योजना का लाभ प्राप्त करें।
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गोल्डन कार्ड बनाने को यह चाहिए दस्तावेज
योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को अपना गोल्डन कार्ड बनवाना होगा। गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को अपनी पुष्टि के लिए राशनकार्ड, आधार कार्ड, आरएसबीवाई कार्ड अथवा पंजीकृत मोबाइल नंबर के साथ पंजीकृत अस्पताल में जाना होगा। कार्ड को बनवाने के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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मंडी जिले में 25 अस्पताल पंजीकृत
योजना के लिए जिला मंडी में 25 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें क्षेत्रीय अस्पताल मंडी, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक, सीएचसी रत्ती, सीएचसी संधोल, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर, सीएचसी पधर, सीएच बगस्याड़, सीएच जंजैहली, सीएचसी करसोग, सीएचसी सुंदरनगर, सीएचसी सरकाघाट, सीएचसी निहरी, सीएचसी लडभड़ोल, सीएचसी नगवाईं, सीएचसी बलद्वाड़ा, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल मंडी, सर्कुलर आयुर्वेदिक अस्पताल जोगिंद्रनगर, भांबला मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल नजदीक जाहू, नीलकंठ अस्पताल मंडी, आस्था मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल चक्कर, मल्होत्रा अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर नेरचौक और बांगा एसोसिएट्स अस्पताल आई केयर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
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