धर्मपुर/सरकाघाट (मंडी)। स्थानीय समस्याओं को लेकर हिमाचल किसान सभा गोपालपुर ने सरकाघाट और धर्मपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मांगपत्र एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। वक्ताओं ने कहा कि किसान लावारिस पशुओं और बंदरों से निजात चाहते हैं, परंतु कोई भी सरकार किसानों को आज तक राहत नहीं दिला पाई है। इसके चलते किसान खेती छोड़ने के लिए मजबूर हैं। सरकाघाट और बलद्वाड़ा अस्पताल में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। गोपालपुर खंड के नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से छह थौना, भद्रवाड़, जमणी, चंदैश, ढलवान, समैला में डॉक्टरों के पद खाली हैं। सरकाघाट अस्पताल में अभी तक सीटी स्कैन की सुविधा नहीं मिली है। बंदरों, लावारिस पशुओं, स्वास्थ्य तथा सड़क सुविधाओं और मनरेगा मजदूरों की मांगों को लेकर धर्मपुर में किसान सभा और सीटू से जुड़ी मनरेगा मजदूर यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि पीएचसी में डॉक्टर नहीं है। धर्मपुर और संधोल में चार में से केवल एक-एक ही डॉक्टर है। सरकाघाट में महिला रोग विशेषज्ञ और सर्जन नहीं हैं। सड़कों की हालत बदतर है। इसमें किसान सभा के खंड अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, रामदीपक, प्रेमी, कश्मीर सिंह, बदरी दास, जय चंद, करतार सिंह चौहान, रामचंद ठाकुर, मोहनलाल, रणताज राणा, मिलाप चंदेल, मेहर सिंह, रूपनंद, लुद्दर सिंह, ज्ञान चंद, प्रकाश चंद, रजनी देवी, नीलमा देवी, निर्मला, किरण बाला, कांता देवी, सुजाता देवी, लता देवी, सुमना, अरुणा, रेखा, शोमा, सीमा, रुमा, सीता, पिंकी देवी मौजूद रहे।
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15 से भूखहड़ताल : भूपेंद्र सिहं
जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने स्थानीय विधायक एवं मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर पर मनरेगा मजदूरों को मिलने वाली वाशिंग मशीनों व अन्य सहायता वितरण में देरी और राजनीति करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जो सामान 31 मार्च तक बंटना था तथा उसे आजतक नहीं दिया गया है। इसके खिलाफ 15 अगस्त से भूखहड़ताल का एलान किया गया।