मंडी। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी की पहल से अब गरीब विद्यार्थियों को कॉपी, पेंसिल की कमी नहीं सताएगी। मानव सेवा उत्थान समिति के प्रयास से स्कूली छात्राओं की ओर से फेंकी जाने वाली पठन और लेखन सामग्री को सहेजा जाएगा। समिति ने स्कूल में एक डिब्बा रखा है ताकि विद्यार्थी इसमें खुद के लिए बेकार मानने वाली सामग्री को डाल सकें। विद्यार्थी अकसर छोटी पेंसिल, रबड़, कॉपी को फेंक देते हैं। अब इस सामग्री को सहेज कर गरीब बच्चों को बांटा जाएगा।
मानव उत्थान सेवा समिति की समन्वयक वैशाली ने बताया कि स्कूली छात्राएं इस डिब्बे में काम आने योग्य आधा बचा हुआ सामान जैसे कि कॉपी, पेन, रबड़, पेंसिल और अन्य पहनने योग्य वस्त्र आदि इस डिब्बे में डाल सकती हैं। ये सामग्री गरीब बच्चों के काम आएगी। इस सामान को स्लम एरिया के बच्चों को पढ़ाई के लिए वितरित किया जाएगा, ताकि शिक्षा अभियान को बढ़ावा मिल सके। मानव सेवा उत्थान समिति ने इस डिब्बे को स्टाफ रूम के बाहर रखा है ताकि बच्चों को कोई भी सामग्री डालने में आसानी हो सके। स्कूल के प्रधानाचार्य नरेश राणा ने कहा कि मानव उत्थान सेवा समिति की यह पहल सराहनीय है। अमूमन बच्चे अपना सामान फेंक देते हैं। यह अब प्रयोग में लाया जा सकेगा। कुछ बच्चे गरीब होने के कारण किताब, कॉपी, पेन-पेंसिल, जूते, कपड़े आदि नहीं ले पाते हैं। इस वजह से पढ़ाई को भी बीच में ही छोड़ देते है। ऐसे बच्चों के लिए यह सामग्री काम आएगी और स्कूल की पढ़ाई छोड़ने से भी बच सकते हैं। प्रधानाचार्य ने सभी छात्राओं से आधे बचे हुए सामान को डस्टबिन में न डाल कर इस डिब्बे में डालने का आह्वान किया है।