डंपिंग साइट को लेकर फिर कटा बवाल
नप अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पर मुकदमा होने के बाद भी नहीं थमा विवाद
ग्रामीणों ने फिर रोका नगर परिषद का टिपर, मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन
ग्रामीणों की मांग पर घर-घर से उठाया जा रहा कूड़ा कचरा
एसडीएम जोगिंद्रनगर भी मौके पर पहुंचे, नहीं थमा विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)।
डंपिंग साइट को लेकर छिड़ा विवाद थम नहीं रहा है। शहर से कूड़ा न उठने के चलते संक्रमण फैलने की शिकायत पर नप अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सोमवार को खूब बवाल कटा। डंपिंग साइट पर कूड़ा फेंक कर लौट रहे टिपर को ग्रामीणों ने महिलाओं के साथ मिलकर रोक दिया। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। कूड़ा न फेंकने की चेतावनी दी गई। सूचना नप अधिकारियों और प्रशासन को दी गई। नगर पंचायत सचिव एवं तहसीलदार जोगिंद्रनगर शालिनी शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष निर्मला देवी, उपाध्यक्ष संतोष शर्मा और पार्षद ममता कपूर मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों की मान मन्नोवल करती रहीं कि नगर परिषद की ओर से यहां शीघ्र ही कूड़ा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, तब तक वहां कूड़ा फेंकने दिया जाए। लेकिन, ग्रामीण महिलाएं टस से मस न हुईं। बाद में एसडीएम जोगिंद्रनगर अमित मेहरा ने भी मौके पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की। जिसके बाद माहौल शांत हुआ। लेकिन, महिलाओं ने कहा कि अगर यहां टिपर ने गंदगी फैलाई तो फिर विरोध प्रदर्शन होगा।
यह है मामला
नगर परिषद की ओर से लगभग 50 वर्ष के लिए चलहारग पंचायत में डंपिंग साइट को निजी भूमि लीज पर ली है। जिसकी एवज में नगर परिषद की ओर से चलहारग गांव में घर-घर से कूड़ा भी उठाया जा रहा है। लेकिन, अब चलहारग पंचायत सहित करीबी पंचायतों के लोगों की ओर से यहां कूड़ा फेंकने का विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सूरत में यहां कूड़ा कचरा नहीं फेंकने दिया जाएगा। नगर परिषद के आश्वासनों के बावजूद यहां बेतरतीब और अवैज्ञानिक तरीके से कूड़ा फेंका जा रहा है। जिस कारण यहां बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। दुर्गंध भी फैलती है। जीवन दुश्वार होकर रह गया है।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
उपमंडलाधिकारी नागरिक जोगिंद्रनगर अमित मेहरा ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर चलहारग गांव में घर घर से कूड़ा उठाया जा रहा है। लेकिन, लोगों की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है। कूड़ा कचरा निष्पादन के लिए नगर परिषद द्वारा आधुनिक कूड़ा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। विरोध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्टोरी टू
डंपिंग साइट विवाद: प्रदर्शनकारी और प्रशासन आमने सामने
अब विरोध करने वाले ग्रामीणों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में प्रशासन
प्रशासन और नगर परिषद कानूनी राय लेने में जुटा
जितेंद्र ठाकुर
जोगिंद्रनगर (मंडी)। प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद जोगिंद्रनगर में डंपिंग साइट को लेकर छिड़ा विवाद सुलझने के बजाय उलझता नजर आ रहा है। शहर में पड़ी गंदगी और कूड़े के कारण संक्रमण फैलने के आरोपों के तहत पुलिस नगर परिषद के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है। अब यदि डंपिंग साइट पर ग्रामीणों का विरोध नहीं थमा और यूं डंपिंग साइट को लेकर बवाल कटता रहा तो प्रशासन प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
ग्रामीणों की सभी मांगों को प्रशासन और पुलिस ने माना है। ग्रामीणों के घर-द्वार से कूड़ा उठाया जा रहा है तथा डंपिंग साइट पर भी रासायनिक पदार्थ का छिड़काव कर बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं को नष्ट किया जा रहा है। वहीं 35 लाख की लागत से नगर परिषद वहां पर कूड़ा संयंत्र को भी स्थापित करने जा रही है। जिसके लिए प्रत्येक पार्षद अपने बजट से तीन-तीन लाख देने की हामी भर चुका है। लेकिन ग्रामीणों को मनाना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। सोमवार को पुलिस और प्रशासन से महिलाएं उलझी रहीं। वहीं भविष्य में वहां कूड़ा फेंकने को लेकर फिर विरोध की चेतावनी के बाद प्रशासन और पुलिस तथा नगर परिषद परामर्श करने के लिए मजबूर हो गए हैं। ऐसे में अब प्रशासन विरोध प्रदर्शन करने वाली महिलाओं और ग्रामीणों पर भी मुकदमा करने की तैयारी में है। जिसकी पुष्टि एसडीएम ने की है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में यदि बाधा पहुंचाई तो कार्रवाई होगी।