सुंदरनगर(मंडी)। बीएसएल झील में गिरी जीप को निकालने के लिए क्रेन न देने पर सराज के लोगों ने बीबीएमबी प्रबंधन के खिलाफ नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। लगभग 15 मिनट तक हाईवे पर वाहनों के पहिये थम गए और दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात टैंकर की टक्कर के बाद नहर में गिरी जीप और उसमें सवार सराज के लोगों व टैंकर चालक को नहर में ढूंढने के लिए स्थानीय प्रशासन ने गोताखोर लगाए थे, जिन्होंने 1 बजे नहर में जीप को ढूंढ लिया, लेकिन जीप नहर में उल्टी पड़ी हुई थी जिसके कारण उसमें सवार लोग अंदर है अथवा नहीं यह पता नहीं चल पा रहा था। क्रेन से जीप को बाहर निकालने के बाद ही अंदर मौजूद लोगों की जानकारी मिल सकती थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के के बार-बार कहने पर भी बीबीएमबी प्रबंधन मौका पर क्रेन भेजने से आनाकानी कर रहा था। जब क्रेन तीन घंटे के बाद भी 300 मीटर का सफर कर न पहुंची तो गुस्साए सराज क्षेत्र के ग्रामीणों ने नरेश चौक के निकट घटनास्थल पर पौने चार बजे धरना दे दिया और हाईवे को जाम कर दिया। जब इसकी सूचना एसडीएम राहुल चौहान को मिली उन्होंने ग्रामीणों को समझाया लेकिन बीबीएमबी प्रबंधन के रवैये से नाराज लोगों नहीं माने। जब चार बजे मौका पर क्रेन पहुंची तब लोग शांत हुए। इस दौरान हाईवे पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।
लोगों का तर्क था कि नहर जब बीबीएमबी प्रबंधन की है तो इसमें गिरे वाहनों को निकालने के लिए मानवता के नाते उन्हें आगे आना चाहिए। लेकिन, मौका पर न तो एक भी बीबीएमबी अधिकारी मौजूद था और न ही उन्होंने कोई मशीनरी सहायता के लिए भेजी। इस दौरान गृहक्षेत्र के लोगों ने अपना बीबीएमबी प्रबंधन के प्रति रोष जताने के लिए मुख्यमंत्री को फोन किया लेकिन उनसे संपर्क न हो पाया।
ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह व्यवहार करता है प्रबंधन
स्थानीय निवासी पवन कुमार, राकेश कुमार, नरेश कुमार, जितेंद्र कुमार, अमित शर्मा का कहना था कि जब-जब बीएसएल नहर में हादसा होता है तो हमेशा ही अधिकारी मौका से नदारद रहते हैं। वह हिमाचलियों के साथ ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह व्यवहार करते है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह सुनिश्चित करें कि अगर बीबीएमबी प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र में कोई हादसा होता है तो वह संवेदशीलता दिखा सहयोग करें न कि मानवता को शर्मसार करें।