सुंदरनगर(मंडी)। 11 माह बीतने के बाद भी प्रशासन सोया है। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर चमुखा के निकट एक बार फिर से भारी भूस्खलन होने से फोरलेन की एक लाइन फिर से आवाजाही के लिए बंद हो गई है। देर शाम हजारों टन मलबा और भारी पत्थर हाईवे पर आ गिरे। जिस समय यह घटना हुई कोई भी वाहन इस लेन से गुजर नहीं रहा था। जिसके कारण बड़ा हादसे होने से बच गया। वहीं पहाड़ी का ऊपरी हिस्से में बड़ी दरार आ चुकी है। सवाल उठने लगा है कि इस संवेदनशील मामले को लेकर प्रशासन ने कदम क्यों नहीं उठाए। क्या प्रशासन कोटरोपी की त्रासदी की तरह ही जागेगा। अमर उजाला ने इस खतरे को लेकर प्रशासन को 11 माह पहले भी आगाह किया था।
उधर, सूचना मिलते ही एसडीएम राहुल चौहान, डीएसपी तरनजीत सिंह और थाना प्रभारी गुरबचन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी को मौका पर तलब किया और फोरलेन पर गिरे मलबा को हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू करने और यहां पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए है। वहीं एसडीएम ने पुलिस प्रशासन को भी फोरलेन की दूसरी लेन पर यातायात व्यवस्था को दुर्घटना रहित बनाने के लिए कनिर्देश दिए है।
पहले प्रशासन के दबाव के बाद उच्च मार्ग प्राधिकरण ने करीब 10 लाख का टेंडर कर इस मलबे को हटवा कर लेन को बहाल करवाया। लेकिन यहां पर आगे के लिए सुरक्षा के कोई इंतजाम न किए। अमर उजाला ने 22 अगस्त 2017 और 24 अगस्त 2017 के अंक में पहले ही चेता दिया था कि जमीन धंसने से यहां पर आने वाले समय के लिए खतरा बढ़ गया है। इस पर न तो राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने। जिसके कारण 11 माह बाद इसी जगह पर एक बार फिर से भारी भूस्खलन हुआ है और आने वालों दिनों में भी यह बारिश के बीच जारी रहेगा।
उपजाऊ जमीन बर्बाद, मुआवजा दे सरकार
20 बीघा जमीन हुई खराब, किसानों की आर्थिकी पर संकट
सुंदरनगर(मंडी)। स्थानीय वासी साजू राम, बालक राम महंत व मोहन लाल ने बताया भूस्खलन के कारण उनकी करीब 20 बीघा उपजाऊ जमीन बर्बाद हो चुकी है। पिछले साल पहाड़ी पर स्थित खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई थी। जिनमें उच्च मार्ग प्राधिकरण ने मिट्टी भर बंद कर दिया। लेकिन दरारों में हवा भरने के कारण वह इस बार की बरसात को न सह पाई और पिछले साल के मुकाबले इस बार अधिक भूस्खलन हुआ है। उन्होंने बताया अभी भी खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें बनी हुई है। जो आने वाली बारिश में और अधिक भूस्खलन होने का कारण बनेगी। उन्होंने इस भूस्खलन का कारण फोरलेन निर्माण के लिए की गई कटिंग को बताया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वह उनकी भूमि का फोरलेन से मुआवजा दिलाएं।
वीरवार को होगी बैठक: एसडीएम
एसडीएम राहुल चौहान ने बताया कि फोरलेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को मलबा हटा कर यातायात को बहाल करने के निर्देश दे दिए हैं। वीरवार को उच्च मार्ग प्राधिकरण की उपायुक्त मंडी के साथ भी बैठक है। जिसमें भी यह एजेंडा उपायुक्त से रखने का आग्रह किया गया है। वहीं भूस्खलन क्षेत्र के आसपास दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए भी प्राधिकरण को कहा गया है।