धर्मपुर (मंडी)। गरली स्कूल वैन हादसे में मृत छात्रा गौरी का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। बच्ची की मौत से गरली गांव में शुक्रवार के मातम पसरा रहा। एसडीएम धर्मपुर एसएस राणा और डीएसपी चंद्रपाल सिंह भी गरली गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया। उधर, हादसे में घायल अन्य 11 छात्र अब खतरे से बाहर हैं।
छह छात्र मंडी, एक आईजीएससी शिमला और दो हमीरपुर में उपचाराधीन हैं। अस्पताल में रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा हुआ है। बच्चों का कुशलक्षेम पूछने के लिए रिश्तेदार अस्पताल में पहुंच रहे हैं। हादसे से स्तब्ध बच्चों के चेहरों पर दर्द साफ झलक रहा था। वीरवार को हादसे के बाद से सन्न हुए बच्चों ने अब बात करना शुरू कर दिया है। जिससे परिजनों को कुछ हद तक राहत मिली है। उधर, एसडीएम धर्मपुर एसएस राणा ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। दोषियों को हरगिज बख्शा नहीं जाएगा। मासूम जिंदगियों के साथ खिलवाड़ सहन नहीं होगा।
विधायक इंद्र सिंह गांधी ने जाना बच्चों का हालचाल
मंडी। मंडी अस्पताल में दाखिल बच्चों का कुशलक्षेम पूछने के लिए बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से बातचीत की। इस दौरान अपनी ओर से हर घायल को उन्होंने 500-500 रुपये की नकद राहत राशि प्रदान की। मंडी अस्पताल में आशीष कुमार, मानसी, अंशुल, सारा, आरब दाखिल हैं। ये बच्चे खतरे से बाहर हैं।