सरकाघाट (मंडी)। प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद जिले में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। नगर परिषद मंडी और सुंदरनगर के साथ ही पंचायत समिति गोहर और धर्मपुर में तख्ता पलटने के बाद गोपालपुर पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया गया है। दोनों अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस समर्थित थे। एक सप्ताह के भीतर ही अब यहां पर भाजपा समर्थित पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होंगे।
जिला पंचायत अधिकारी की अगुवाई में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। 27 सदस्य गोपालपुर पंचायत समिति के 14 सदस्यों ने प्रस्ताव की चर्चा में भाग लिया और वर्तमान अध्यक्ष उमा देवी और उपाध्यक्ष रंजीत सिंह के खिलाफ 14 मतों से प्रस्ताव पारित कर दिया। इस चर्चा पर कांग्रेस की तरफ से न तो अध्यक्ष और न ही उपाध्यक्ष ने भाग लिया। इससे पूर्व अविश्वास प्रस्ताव के दौरान 18 सदस्यों ने हस्ताक्षर करके कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रकट किया था।
शुक्रवार को भाजपा समर्थित पंचायत समिति सदस्य निशा देवी, सरला देवी, सुरेश कुमार, आशीष कुमार, रमेश चंद, कमलेश कुमार, नागेंद्र सिंह नेगी, धनी देवी, तृप्ता देवी, रीना देवी, प्रोमिला, सरिता देवी, राजेंद्र कुमार और आशा देवी ने भाग लिया। गोपालपुर पंचायत समिति हाल में दोपहर 1 बजे से सभी भाजपा समर्थित पंचायत समिति सदस्य पहुंच गए थे। लेकिन, कांग्रेस समर्थित कोई भी सदस्य हाल में दाखिल नहीं हुआ था। आपसी चर्चा में मात्र 14 पंचायत समिति सदस्यों ने कार्रवाई में भाग लिया। जबकि 2 सदस्य कार्यवाही समाप्त होने के बाद इनके साथ जुड़े । जिला पंचायत अधिकारी गिरीश शर्मा ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 14 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं। अब एक हफ्ते के भीतर पंचायत समिति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।