मंडी/सरकाघाट। सरकाघाट सरकारी अस्पताल में इंजेक्शन लगाने के बाद एकाएक बिगड़ी बच्चों की तबीयत से अस्पताल में अफरातफरी का माहौल हो गया। अभिभावकों में हड़कंप मचा रहा। जैसे-तैसे अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को संभाला। उधर, अधोमानक बैच की सप्लाई की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इंजेक्शन, सिरिंज और डाल्यूटेंट के बैच की जांच शुरू कर दी है। आशंका है कि कहीं सरकारी सप्लाई में ऐसी दवाएं तो नहीं भेजी गई हैं, जिन्हें केंद्रीय मानक नियंत्रण संगठन ने अलर्ट पर रखा है। बहरहाल मामले में ड्रग्स विभाग ने जांच तेज कर दी है। वहीं उपायुक्त मंडी ने भी एक दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। उधर, अस्पताल में इस तरह का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
वीरवार सुबह अस्पताल में दाखिल बच्चों को इंजेक्शन लगाने के बाद अफरातफरी मच गई। एकाएक अस्पताल में रोने चिल्लाने की आवाजों से मरीज और तीमारदार एकत्र हो गए। सरकाघाट अस्पताल में बच्चों को राउंड के दौरान यह इंजेक्शन लगाए गए थे। जिसके तुरंत बाद 15 बच्चों को तेज बुखार की शिकायत हो गई और बच्चों की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने रोना चिल्लाना शुरू कर दिया और पूरा अस्पताल चीख पुकार से गूंज उठा। अधिकांश बच्चों को 104 से 105 तक बुखार हो गया था। इसी दौरान अस्पताल में पांच अन्य व्यस्कों को भी इंजेक्शन लगाने के बाद तेज बुखार और कंपन की शिकायत के चलते अस्पताल में हाहाकार मच गया। सभी बच्चों को तत्काल इमरजेंसी वार्ड में लाया गया और मौके पर सरकाघाट अस्पताल प्रभारी डॉ पन्नालाल ने पहुंचकर इमरजेंसी घोषित करते हुए सभी डाक्टरों को ड्यूटी पर बुला लिया और बच्चों का इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल प्रभारी ने मरीजों और बच्चों को लगाए गए इंजेक्शन व सिरिंज सीज कर दिए हैं और तुरंत मंडी ओर ड्रग्स इंस्पेक्टर को इसकी सूचना दे दी गई।
हो सकता है वायरल फैला हो : प्रभारी
अस्पताल प्रभारी डॉ पन्नालाल ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। सभी का इलाज चल रहा है। इंजेक्शन में खराबी थी या सिरिंज में, इसकी जांच की जाएगी। जिसके लिए सीएमओ मंडी व ड्रग्ज इंस्पेक्टर को सूचित कर दिया गया है। संभव है कि अस्पताल में मरीजों को कोई इनफेक्शन के चलते यह वायरल फैला हो, हर पहलू को जांचा जा रहा है।
कब क्या हुआ
आशारानी गांव ललाना धर्मपुर ने बताया कि बुधवार को बुखार और पेट दर्द की शिकायत के चलते उन्होंने अपने बच्चे को अस्पताल में दाखिल करवाया । वीरवार को 09:30 बजे वार्ड सिस्टर की ओर से बेटे को इंजेक्शन लगाने के बाद उसे 15 मिनट बाद जोर की कंपकंपी आनी शुरू हुई और तेज बुखार आने के बाद बेसुध होकर रोने चिल्लाने लगा। रोपड़ी पंचायत के झनझेल गांव के धर्मेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी स्वर्णिमा को सबसे पहले इंजेक्शन लगाया गया था। उसे जोर की ठंड लगने लगी और कंपन आना शुरू हुआ। उसके बाद 105 बुखार आ गया। वहीं निशांत की टांग में चोट लगी थी, उसे 3 दिन पहले ही अस्पताल में टांके लगाए गए थे। आज उसे इंजेक्शन लगाया गया तो सिरदर्द व तेज बुखार आने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और बुखार 104 पहुंच गया। ऐसा ही अन्य अभिभावकों का कहना था।