सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश के आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की ओर से विभाग के अधिकारियों को निलंबित करने पर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग कनिष्ठ अभियंता संघ भड़क गया है। बुधवार को संघ की आपात बैठक में कार्रवाई पर रोष जताते हुए इस कवायद को कटघरे में खड़ा किया है। बैठक प्रदेशाध्यक्ष राजेश शर्मा की अध्यक्षता में सुंदरनगर में संपन्न हुई। जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य रूप से निलंबित किए गए कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता के मुद्दे पर व्यापक रूप से चर्चा की गई और संघ ने निलंबन की कड़े शब्दों में निंदा की। वहीं आगामी 25 फरवरी को हमीरपुर में राज्यस्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और आगामी रणनीति तैयार होगी। संघ ने सरकार से आग्रह किया कि निलंबित हुए कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता को बहाल किया जाए। क्योंकि कनिष्ठ अभियंता वर्ग फील्ड कर्मचारियों और मूलभूत संसाधनों की कमी होने के कारण विपरीत परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। जिसके बारे में पूर्व में भी सरकारों को अवगत कराया जा चुका है और इस बारे में आज तक किसी भी प्रकार का कोई समाधान नहीं किया गया है। प्रदेशाध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि संघ को आशा है कि सरकार इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और निलंबन वापस लेगी ताकि अभियंताओं का सम्मान बना रहे। उन्होंने कहा कि संघ शीघ्र ही सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं के बारे में अवगत करवाएगा।
25 को बनेगी आगामी रणनीति
वक्ताओं ने कहा कि कनिष्ठ अभियंता सरकार की रीढ़ हैं तथा पूरे मान और सम्मान के साथ सरकार के साथ खड़े हैं। इस मौके पर निर्णय लेकर संघ की 25 फरवरी को प्रदेश स्तरीय बैठक एनजीओ भवन में हमीरपुर में बुलाई गई है। जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के साथ जिला कार्यकारिणी के सदस्य भाग लेंगे। बैठक में इस वर्ग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श किया जाएगा। बैठक में संघ के महासचिव अनिल शर्मा, प्रेस सचिव रोहित गुप्ता, मंडी जोन के प्रधान नूर अहमद, हमीरपुर के प्रधान सुखदेव व सचिव राजेश वात्सयायन, प्रदेश सचिव दत्त राम, निरमंड के प्रधान कैलाश कुमार, पालमपुर के प्रधान तेजबंधु, नूरपुर के प्रधान पवन कुमार सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने दिए जांच तेज करने के निर्देश
धर्मपुर (मंडी)। दो कनिष्ठ और एक सहायक अभियंता के सस्पेंशन की कार्रवाई के बाद मंत्री महेंद्र सिंह ने मामले में अधिकारियों को जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। एक्सईएन और दो सहायक अभियंताओं की कमेटी धर्मपुर में मामले की जांच कर रही है। जल्द ही मामले की रिपोर्ट वह सौंपेंगे। उधर, इस बारे में जांच कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट में क्या पाया गया? क्या नहीं, इसके बारे में जानकारी आला अफसरों को दे दी जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आगाह किया है कि समय पर जन विकास कार्य पूरा करें तथा जो भी अधिकारी व कर्मचारी सरकारी कार्य में कोताही करेगा उसके खिलाफ सरकार नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
यह है मामला
रविवार को सीएम के जोगिंद्रनगर दौरे के दौरान आईपीएच मंत्री ने धर्मपुर और जोगिंद्रनगर में पेयजल योजनाओं को जांचा था। जहां अनियमितताएं पाए जाने पर दो कनिष्ठ अभियंता और एक सहायक अभियंता को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही संबंधित पेयजल योजनाओं के जांच के आदेश जारी कर दिए थे। उधर, इस कार्रवाई से आईपीएच अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया था।