धर्मपुर (मंडी)। मूलभूत सुविधाएं न मिलने के कारण नेताओं से उखड़े संधोल के चतरौण और घनाला बूथ के वोटरों ने चुनावों का बहिष्कार किया है। वीरवार को लोकतंत्र के सबसे बड़े मतदान रूपी पर्व में वोट डालने की बजाय मतदाता दिहाड़ी लगाने और खेतों में व्यस्त दिखे। चतरौण में 539 मतदाताओं में से एक ने भी वोट नहीं डाला। जबकि घनाला में 391 में से 23 मत पड़े हैं। बेहतर सड़क, यातायात के लिए पिछले करीब 20 सालों से इन क्षेत्रों के लोग संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन न तो नेताओं और न ही प्रशासन ने इनकी सुनी और अब लोगों ने मतदान के अधिकार से ही किनारा कर लिया। लोगों का कहना है कि प्रशासन के माध्यम से कई बार सरकार को समस्याओं को लेकर अवगत करवाया, लेकिन जब कोई कार्य नहीं हुआ तो लोगों ने बहिष्कार करने का निर्णय लिया। जिन गांव के लोगों ने वोट नहीं डाले हैं उनमें चतरौण, मसोत, कन्द्रोह, बांह और सेड के लोग शामिल हैं।
आज तक कच्ची सड़क
बहिष्कार समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष मान सिंह समेत लोगों में कलीराम, वीर सिंह, शंभू राम, संत राम, टेक चंद, कौल सिंह ने कहा कि कोठवां नेरी वाया चतरौण सड़क 20 वर्ष पहले बनाई गई है जो आज दिन तक पक्की नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि हल्की सी भी बरसात होने पर यह सड़क बंद हो जाती है जिससे बच्चों, बुजुर्गों और खासकर गर्भवती महिलाओं को बड़ी मुश्किल से मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। इसके लिए पालकी का सहारा लेना पड़ता है।
यह समस्याएं भी गिनाईं
पिछले 3 दशकों से डेढ़ दर्जन पंचायतों के केंद्र संधोल विकास के क्षेत्र में उपेक्षित रहा है। अस्पताल में स्टाफ नहीं है। क्षेत्र की सभी सड़कें कच्ची हैं, सबसे पुरानी तहसील के पटवार सर्किल को काटकर इसे महज पटवारखाना बना दिया है। नये बस रूट तो दूर पुराने बस रूटों जिसमें करीब एक दर्जन बस रूटों पर चलने वाली बसों को बंद कर दिया है।
प्रशासन की कोशिश रही नाकाम
बहिष्कार का नोटिस पहले ही ग्रामीणों ने प्रशासन को दे दिया था। एसडीएम धर्मपुर मुकेश रेस्पवाल एवं एडीसी अश्वनी चौधरी ने लोगों से संपर्क करके मतदान की अपील की लेकिन, वह नहीं मानें। वीरवार को मतदान के दिन लोग अपने अपने निजी कार्यों तथा दिहाड़ी में व्यस्त रहे। उधर, उपायुक्त मंडी मदन चौहान ने कहा कि ग्रामीणों से अपील की गई थी, लेकिन मत का प्रयोग नहीं किया।
चतरौण बूथ का विवाद पुलिस तक पहुंचा, बीएलओ बेहोश
चतरौण बूथ में मतदान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बीएलओ का आरोप है कि कोई भी वोटर न आने पर उससे जबरन मतदान करवाया गया। जिससे वह बेहोश हो गईं। सूचना के बाद 108 के माध्यम से उसे अस्पताल लाया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर कुछ देर के लिए मतदान केंद्र में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। उधर, जांच अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि शिकायत मिली है। आब्जर्वर पर जबरन वोट करवाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले में जांच कर रही है।