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सीएम के गृह जिले में नहीं थम रहा स्वाइन फ्लू

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अमर उजाला ब्यूरो
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नेरचौक (मंडी)। सीएम के गृह जिला में स्वाइन फ्लू थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को 39 वर्षीय महिला और 16 माह की बच्ची में स्वाइन फ्लू पाया गया है। रविवार को पांच संभावित सैंपल नेरचौक मेडिकल कॉलेज से आईजीएमसी जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें दो सैंपल पाजिटिव आए हैं। स्वाइन फ्लू से ग्रस्त रोगियों का आंकड़ा 17 तक पहुंच चुका है। अब तक मंडी जिले में इस बीमारी से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इससे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. देवेंद्र ने कहा कि दो स्वाइन फ्लू के दो पाजिटिव मामले पाए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
भय की स्थिति पैदा न करें, बचाव पर दें ध्यान
सीएमओ जीवानंद चौहान ने कहा कि इस रोग को लेकर लोग भय की स्थिति पैदा न करें बल्कि इसकी जगह इससे बचने के तरीकों की जानकारी लेने की जरूरत है। विभाग पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार के निर्देशों का पूरी तरह से अनुसरण किया जा रहा है। कांटेक्ट में आए लोगों को दवाएं वितरित की जा चुकी हैं।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू हमारे श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है। यह एच1 एन1 वायरस से होता है। स्वाइन फ्लू आम फ्लू या सर्दी-जुकाम की तरह होता है, इसलिए यह खांसने, छींकने या सांस से फैलता है। मरीज जिन चीजों के संपर्क में आया होगा, उन्हें छूने से भी यह फैलता है। अधिक संक्रमण होने से यह जानलेवा भी हो सकता है।
यह हैं सामान्य लक्षण
- नाक बहना, छींक आना
- मांसपेशियों में दर्द या अकड़न
- सिर में भयानक दर्द
- खांसी आना, कफ बनना
- बुखार होना, शरीर दर्द, कमजोरी
- गले में खराश और दर्द
स्वाइन फ्लू से बचाव
साफ-सफाई का ध्यान रखें। फ्लू ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क से दूर रहें। खासकर छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, रोगी और बुजुर्गों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। खांसी या छींक आने पर रुमाल का इस्तेमाल करें। बाहर से आने पर या किसी से हाथ मिलाने के बाद हाथ साबुन से धोएं। फ्लू के लक्षण दिखते ही डॉक्टरी सलाह लें। भीड़ भरे इलाकों, बसों, मेट्रो, हवाई सफर से मुमकिन हो तो परहेज करें। हाथ बिना धोए आंख, नाक या मुंह न छूएं।
घरेलू नुस्खे भी कारगर
आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे भी आजमा सकते हैं। तुलसी पत्र, गिलोय, हल्दी, लहसुन ये कुछ ऐसी चीजें हैं जिनका नियमित सेवन आपकी रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ा देता है। इसके अलावा अगर आप रोजाना कसरत और श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए प्राण क्रियाएं या ब्रीदिंग एक्सरसाइज करते हैं तो स्वाइन फ्लू से ग्रस्त होने की आशंका काफी कम हो जाती है।
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स्वाइन फ्लू टेस्टिंग किट तक नहीं
स्वाइन फ्लू की टेस्टिंग किट पर भी जिला मंडी में संशय है। न ही मंडी जोनल अस्पताल में रक्त के नमूने की जांच की सुविधा शुरू हो सकी है और न ही यहां पीसीआर की मशीन चल रही है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज से सैंपल आईजीएमसी विशेष वाहन से भेजे जा रहे हैं। सीएम के गृह जिला मंडी में स्वाइन फ्लू का प्रकोप काफी बढ़ चुका है लेकिन इंतजाम उस तरह के नहीं हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य में समन्वय की कमी के कारण यहां व्यवस्थाएं हाशिए पर हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि तीन मृतक हृदय रोग से ग्रस्त थे।
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