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बर्फबारी से जिले की छह सड़कें बंद

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मंडी। जिले की ऊंची चोटियों ने वीरवार को एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। तीन दिन से लगातार बर्फबारी होने से शिकारी देवी, कमरूनाग की पहाड़ियों में करीब दो फीट और शैटाधार में एक फीट तक बर्फबारी हुई है। बारिश और बर्फबारी होने के कारण सराज क्षेत्र की 6 सड़कों पर बसों की आवाजाही बंद हो गई है। बर्फबारी के चलते बंजार-गाड़ागुशैनी, खौली-छतरी, जंजैहली-मगरूगला, गाड़ागुशैनी-घाट, थाची-डीडर, जंजैहली-छतरी मार्ग बंद हो गए हैं। सराज घाटी की तुंगासी धार, ठुनधार, थाचाधार, टील बछूट, कुड़ीधार, घाट आदि पहाड़ियों में आधा फीट तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। क्षेत्र के थाची, भनवास, सोमगाड़, डीडर, खौली, करथाच, मगरूगला, तंगाधार में भी जमकर बर्फबारी हुई है। गाड़ागुशैनी, नाचनी, बरोट मेें तीन दिन से लगातार बर्फबारी होने से समूचा इलाका शीतलहर की चपेट में आ गया है। एक ओर जहां बारिश और बर्फबारी किसानों-बागबानों के लिए वरदान साबित हुई है वहीं दूसरी तरफ लोगों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। बर्फबारी के चलते सराज घाटी प्रचंड शीतलहर की चपेट में है। वहीं मैदानी इलाकों में भी लोग ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं। लगातार तीन दिनों से लोग अपने घरों में दुबक गए हैं। घाटी में इस समय तापमान में भारी गिरावट आ गई है। सराज की दुर्गम पंचायतों में बिजली और पानी की दिक्कतें भी आ रही हैं क्योंकि पानी पाइपों में जम गया है। कई स्थानों पर बिजली की आंख मिचौली भी जारी है।
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सराज की छह सड़कों पर बसों की आवाजाही बंद
हालांकि सड़क मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही हो रही है। सराज घाटी में बर्फबारी के चलते बच्चों, बुजुर्गों सहित क्षेत्र के लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। उधर, बालीचौकी के लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विश्वजीत सिंह का कहना है कि बर्फबारी से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मशीनों और अपने कर्मचारियों को मार्गों पर तैनात कर दिया है, ताकि क्षेत्र के लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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धार्मिक स्थलों पर न जाएं : एसडीएम
थुनाग के एसडीएम सुरेंद्र मोहन का कहना है कि बारिश और बर्फबारी से कुछ सड़कें बाधित हुई हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि शिकारी देवी, कमरूनाग, शैटाधार आदि धार्मिक स्थलों में न जाएं।
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