शिवरात्रि महोत्सव में पेड़-पौधों को बचाने की सीख
शिवरात्रि मेले में लगी वन विभाग की प्रदर्शनी भी चर्चा में
पर्यटन को बढ़ावा देकर खोजे जा सकते हैं आय के साधन : राजेंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी।
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियां लोगों को जागरूक कर रही हैं। पड्डल मैदान में लगी हिमाचल वन विभाग की प्रदर्शनी इनमें से एक है। वन परिक्षेत्र प्रचार अधिकारी शिमला राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस प्रदर्शनी में हिमाचल के विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को पेड़-पौधों की कटाई पर रोक, जंगली जानवरों की विभिन्न प्रजातियों का बचाव और वनों में आग लगाने पर रोक के बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस प्रदर्शनी में लगे विभिन्न प्रजातियों के पौधे काफी आकर्षित कर रहे हैं। जिसमें अमरूद, आंवला, बेहड़ा, दाडू, जामुन, बान, देवदार और अन्य प्रजातियों के पेड़-पौधे लोगों को मोह रहे हैं।
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर
राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देना है। जिससे युवाओं को रोजगार के नए साधन खोजे जा सकते हैं। हिमाचल के प्राकृतिक स्थलों में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। जिसके दोहन से प्रकृति को बिना नुकसान पहुंचाए स्थानीय लोगों की आय बढ़ाई जा सकती है। वहीं युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाद पर्यटन की दृष्टि से देखा जाए तो हिमाचल का नाम आता है। लेकिन, लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न मेलों में इस प्रदर्शनी को लगाया जाता है, ताकि लोगों को अपनी प्रकृति के बारे में मूल जानकारी प्राप्त हो और घरद्वार रोजगार के नए साधन खोजे जा सकें।
झारखंड का स्टाल भी चर्चा में
वहीं सेरी मंच पर लगे सरस मेले में झारखंड का स्टाल भी चर्चा का केंद्र बना है। जिसमें विभिन्न प्रकार की अपने हाथ से तैयार की गई दवाइयां और पाचक सामग्री शामिल है। इस स्टाल में शुक्रवार को काफी भीड़ रही। जिसमें माउथ फ्रेशनर, कश्मीरी मिक्सचर, कोलकाता का मीठा पान, हींग पेड़ा, अनारदाना पाचक गोली, गैस भगाएं स्ट्रांग हींग गोली, जीरा गोली पाचक, खट्टी-मीठी चुलबुली टॉफी, शहद आंवला शूगर फ्री, शोधी हरड़, बनारसह ग्रीन पान, चॉकलेट पान और अन्य प्रकार की देसी दवाइयां और खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
लकड़ी से बना सामान लोगों को कर रहा आकर्षित
असम में बैंत की लकड़ी से तैयार किया गया विभिन्न सामान मेले में लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है। इस स्टाल को लगा रहे आविद कुमार ने बताया कि लगभग 5 लाख के करीब माल को वह शिवरात्रि महोत्सव में लाए हैं। इस सामान को खरीदने में लोगों को काफी भीड़ है। जिसमें बैंत की लकड़ी से तैयार टेबल, कुर्सी, सोफा सेट, अलमारी और अन्य लकड़ी की चीजें शामिल हैं।