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मंडी जेल में कैदियों को काननू का पाठ पढ़ाया

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मंडी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को जिला कारागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर तीन अशोक कुमार ने की। उन्होंने कारागार के विचाराधीन बंदियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को 24 घंटों के भीतर न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश करना होता है। इसके अलावा गिरफ्तार किए जा रहे व्यक्ति को यह बताया जाता है कि उसे किस अपराध के तहत हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लेने से पहले गिरफ्तार किए जा रहे व्यक्ति के परिजनों को इसकी सूचना दी जाती है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति का मेडिकल चेकअप करवाया जाना जरूरी है। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी और विचाराधीन बंदियों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब दिए। शिविर में अधिवक्ता समीर कश्यप ने बताया कि विचाराधीन बंदियों को कानूनी सहायता देने के लिए कारागार में लीगल एड क्लीनिक चलाया जा रहा है। जहां पर सप्ताह के चार दिन अलग-2 अधिवक्ता अपनी सेवाएं देकर कानूनी सहायता मुहैया करवा रहे हैं। इसके अलावा बंदियों को भी पैरा लीगल वालंटियर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। जो बंदियों को समय-2 पर कानूनी सहायता देते हैं। इस अवसर पर जिला कारागार के अधीक्षक एनआर भारद्वाज ने न्यायिक दंडाधिकारी का स्वागत करते हुए शिविर आयोजित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यहां पर मौजूद 150 विचाराधीन बंदियों और 21 सजायाफ्ता कैदियों को समय-2 पर विधिक जानकारी दी जाती है। इसके अलावा उनके सुधार के लिए विभिन्न संस्थाओं की ओर से समय-2 पर नैतिक शिक्षा भी दी जाती है।
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