मंडी। जिले के द्रंग क्षेत्र में लगभग दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित देव पराशर झील में पराशर सरनाहुली मेला का आगाज आज होगा। यह एक रमणीक स्थल है। यह देव स्थान बदार और स्नोर घाटी की सीमा पर स्थित है। यहां हर जून माह माह में संक्रांत (साजा) के दिन पवित्र स्नान होता है।
मंडी रियासत के राजा ने इस मेले की शुरुआत की थी। देव पराशर के मुख्य पुजारी अमर सिंह ने बताया कि देव शुकदेव ऋषि का रथ पराशर पहुंच जाएगा। इसके साथ ही बदार के देवी-देवता निशु पराशरी, माता धारा नागन, माता सोना सिहासन न्यूल, बड़ी माता मैहणी, काडी घटासनी शिवा, माता बूढ़ी बुछावरण मासड, देव खणी नागणू नवलाय, कयाथू देव कमांद, बुगां देव गाहरी, उत्तरशाल से सुहडा का गैहरी, देव हल गड़े, आदि ब्रह्या टिहरी, सनोर से गणपति भटवाड़ी भी मेले में शिरकत करेंगे। इसके साथ ही देव बरनाग, देव शेषनाग, देवी जालपा, देव नारायण, देव ढंगाडू, देव मार्कंडेय ऋषि, माता बूढ़ी भैरवा, माता बगलामुखी मेले में शिरकत करेंगी। मेले में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की तर्ज पर जलेब निकाली जाएगी। मेले में शिरकत करने वाले देवता पराशर झील की परिक्रमा करेंगे। इस दौरान सभी देवी देवताओं का मिलन होता है। यह एक मनमोहक दृश्य होता है।