संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले के अलग-अलग हिस्सों में बुधवार सुबह हुई मानसून की पहली बारिश से 11 सड़कें बाधित हो गई हैं। 11 विद्युत ट्रांसफार्मर भी भारी बारिश की वजह से ठप हो गए। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह 10 बजे तक जिले में 28 सड़क मार्ग बाधित होने से यातायात थम गया। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी दिन भर बाधित सड़क मार्गों को बहाल करने में जुटी रही। शाम पांच बजे तक विभाग ने 17 सड़क मार्गों को यातायात के लिए बहाल कर दिया। थलौट डिविजन के 11 सड़क मार्ग शाम पांच बजे तक बहाल नहीं हो पाए। इसमें एक जिला की प्रमुख सड़क के साथ 10 ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं।
झमाझम बारिश से जिला के जोगिंद्रनगर, गोहर, सुंदरनगर, धर्मपुर व थलौट क्षेत्र में 198 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप हो गए। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने शाम पांच बजे तक 187 विद्युत ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी। 11 विद्युत ट्रांसफार्मर का मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहा।
धर्मपुर की तीन प्रमुख सड़कें दो घंटे रहीं बाधित
धर्मपुर (मंडी)। भारी बारिश से क्षेत्र की तीन प्रमुख सड़कें मलबा और पत्थर गिरने से लगभग दो घंटे तक यातायात के लिए बंद रहीं। सड़कें बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
धर्मपुर-जोगिंद्रनगर मार्ग कांढापतन के निकट भूस्खलन के कारण बाधित हो गया। वहीं, धर्मपुर-रखेड़ा सड़क (वाया कांढापतन) पर भी मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इसके अलावा धर्मपुर-स्योह सड़क हाजरी क्रशर के पास भूस्खलन की चपेट में आने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। लोक निर्माण विभाग की टीमें मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों सड़कों से मलबा हटाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया।
लोक निर्माण विभाग मंडल धर्मपुर के अधिशासी अभियंता अंशुमन सोनी ने बताया कि सभी प्रभावित मार्गों से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।