मंडी। मंडी जिले के स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चे अब सिंगापुर की तर्ज पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, रोबोटिक व एआर तकनीक सीखेंगे। जिले के 109 स्कूलों को स्टेम पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयनित किया गया है। स्कूलों में बच्चों को इस प्रोजेक्ट के तहत पढ़ाने के लिए 218 शिक्षकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्कूलों में कम उम्र से ही विद्यार्थियों को स्टेम (विज्ञान, प्रोद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) विषयों में रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित करने और उनमें तार्किक सोच, सहयोग और जिज्ञासा जैसे महत्वपूर्ण कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा। स्टेम पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को भविष्य में तकनीकी क्षेत्रों में सफलता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, रोबोटिक व एआर तकनीक आदि सिखाए जाएंगे। प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के मकसद से वीरवार को समग्र शिक्षा विभाग की ओर से चयनित स्कूलों में तैनात विज्ञान व गणित के शिक्षकों के लिए स्टेम शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। इन शिक्षकों को स्टेम पीडिया कंपनी से आए मास्टर ट्रेनर कई तरह का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इस पायलेट प्रोजेक्ट स्टेम के जिला समन्वयक विजय शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा उपनिदेशक यशवीर धीमान ने किया। पहले चरण के स्टेम शिक्षा प्रशिक्षण के बाद दूसरे चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस मौके जिला शिक्षा उपनिदेशक (गुणवत्ता) एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा मीना कुमारी, प्रोजेक्ट हेड देव ऋषि व कमल भी मौजूद रहे।