अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के देवी-देवताओं के मंदिर आज भी सरकारी भूमि पर हैं, जिसे प्रदेश सरकार को मंदिर कमेटी के नाम करना चाहिए। रविवार को जेल रोड में आयोजित सर्व देवता सेवा समिति की बैठक को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष पंडित शिव पाल शर्मा ने ये शब्द कहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो देवी-देवताओं की सराय बनाने के लिए जो राशि जारी की है उसे भी सीधे तौर पर मंदिर प्रबंधन कमेटियों के खाते में ही डालना चाहिए, जिससे वह समय पर अपना काम करवा सके। उन्होंने कहा कि हर बार शिवरात्रि महोत्सव के दौरान पंजीकृत देवी-देवताओं के स्थान पर पंजीकृत नहीं हुए देवी-देवता अपना स्थान मानकर बैठ जाते हैं, जो उचित स्थान नहीं होता है। इसके चलते पंजीकृत देवी-देवताओं को बैठने के लिए सही स्थान नहीं मिल पाता है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और मेला कमेटी को टोकन आवंटन का प्रबंधन शुरू करने का आग्रह किया है। बैठक में समस्त कारदारों सहित समिति के सचिव युद्ध कुमार शर्मा, उप प्रधान वेद राम, उप प्रधान वीसी सरोच, मुख्य सलाहकार रेवती राम शर्मा, शेष राम, राजू, छज्जू राम, मोहन लाल, हिम्मत राम, गोविंद राम, सूरत रामए बाला राम, किशन पाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।