जोगिंद्रनगर (मंडी)। राजनेताओं की नालायकी से जोगिंद्रनगर में बदहाल पड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों ने मोरचा खोल दिया है। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में रिक्त पड़े चिकित्सकों के पदों को भरने, अल्ट्रासाउंड और अन्य सस्ती सरकारी सुविधाएं लोगों को न मिलने को लेकर जागरूकता अभियान छेड़ते हुए आठ किमी तक तिरंगा यात्रा निकली गई। इस दौरान जोगिंद्रनगर के नेताओं के गैर जिम्मेदाराना रैवये पर निशाना साधा गया। पैदल यात्रा में एडवोकेट अनिल कुमार, नगर परिषद के पार्षद अजय धरवाल, सैंथल के बीडीसी मेंबर अजय कुमार, प्रदीप, सुनील तथा अमन ने हिस्सा लिया। मच्छयाल से सुबह शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा खुद्दर, लिंक रोड, मसौली, भट्ठा, निचला गरोडू से होती हुई जोगिंद्रनगर पहुंची। यहां लोगों को संबोधित करते हुए एडवोकेट अनिल कुमार ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत उन्हें जो जानकारी मुहैया करवाई गई है, उसके अनुसार सिविल अस्पताल में डाक्टरों के 19 पद सृजित हैं। लेकिन, यहां पर इस समय आठ ही डाक्टर कार्यरत हैं। कुछ डाक्टर अवकाश पर हों तो यहां इनकी संख्या और भी कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि जोगिंद्रनगर उपमंडल के इस अस्पताल में करीब डेढ़ लाख मरीज ओपीडी में आते हैं। लेकिन, यहां पर डाक्टरों के पद नहीं भरने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही हाल लाखों खर्च कर खरीदी गई अल्ट्रासाउंड मशीन का है। इसको उपयोग में लाने के लिए विशेषज्ञ डाक्टर ही नियुक्ति नहीं है। ऐेसे में इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जोगिंद्रनगर में भव्य अस्पताल तो बनाया गया है। लेकिन, डाक्टरों के पद खाली रहने से इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। वह न तो सरकार के खिलाफ है और न ही प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन, यहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होना काफी जरूरी हैं। अगर चिकित्सकों के पदों को नहीं भरा और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर नहीं हुई तो वह उच्च न्यायलय में रिट पिटीशन दायर करने को मजबूर होंगे।