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सरकार का बड़ा फैसला: हिमाचल में 40 नहीं, अब हर पांच साल बाद होगा बंदोबस्त, बदलेंगे नियम

Sat, 03 Oct 2026 06:30 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 बदलाव के बाद पांच साल में बंदोबस्त कर जमीन की सीमाएं तय की जाएंगी। अभी तक जो व्यवस्था चल रही है, उसके अनुसार 40 साल में एक बार बंदोबस्त करने का प्रावधान है।
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में जमीन के बंदोबस्त की लंबी प्रक्रिया को अब छोटा किया जा रहा है। प्रदेश सरकार इसके लिए बंदोबस्त के नियमों में बदलाव कर रही है। बदलाव के बाद पांच साल में बंदोबस्त कर जमीन की सीमाएं तय की जाएंगी। अभी तक जो व्यवस्था चल रही है, उसके अनुसार 40 साल में एक बार बंदोबस्त करने का प्रावधान है। बंदोबस्त के नियम बदलने को लेकर सचिवालय में राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई है। इसमें भूमि अभिलेख निदेशक, बंदोबस्त और राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में  निदेशक भूमि अभिलेख को कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में सेवानिवृत्त अधिकारी (जिन्होंने पहले बंदोबस्त किया है) को भी शामिल करने को कहा है। 10 दिन के भीतर कमेटी अधिसूचित होगी। एक महीने के भीतर कमेटी मौजूदा व्यवस्था का अध्ययन कर नियमों में जरूरी बदलाव के सुझाव देगी।

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 चंबा में 1951 में हुआ था बंदोबस्त
अभी चंबा में 1951, मंडी में 1959 और कांगड़ा जिले में 1970 के बाद बंदोबस्त की प्रक्रिया नहीं हो पाई है। अन्य जिलों में भी स्थिति ऐसी ही है। इतना लंबा समय लगने का कारण आधुनिक उपकरणों और कर्मचारियों की कमी है। हिमाचल में बंदोबस्त की दो इकाइयां शिमला और धर्मशाला में ही हैं। अब सरकार का मकसद बंदोबस्त प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का है। प्रस्तावित व्यवस्था में जमीन की सीमाएं तय करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। नई व्यवस्था में रोवर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, डीजीपीएस, आरटीएस डीपीएस, ड्रोन, लीडर स्कैनर, इलेक्ट्रॉनिक डेटा कलेक्टर, लेजर डिस्टेंस मीटर आदि के जरिये जमीन की सीमाएं तय करने का प्रस्ताव है।

जमीन की सीमाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर
आधुनिक सर्वे तकनीक के इस्तेमाल से नक्शे और जमीन की सीमाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर रहेगा। जमीन की सीमाओं को लेकर विवाद होने की स्थिति में लोगों को तहसीलों और पटवारघरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। गठित होने वाली कमेटी मौजूदा बंदोबस्त नियमों में उन प्रावधानों की पहचान करेगी, जिनके कारण प्रक्रिया लंबी होती है। इसके साथ ही बंदोबस्त में इस्तेमाल होने वाली तकनीक, कर्मचारियों की भूमिका, सर्वेक्षण की प्रक्रिया और रिकॉर्ड तैयार करने के तरीकों में बदलाव के सुझाव दिए जाएंगे।
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हिमाचल में जमीन के बंदोबस्त के नियमों में बदलाव किया जा रहा है। इसको लेकर कमेटी गठित करने को कहा गया है। 10 दिन के भीतर कमेटी गठित होगी। एक महीने के भीतर सरकार को यह कमेटी रिपोर्ट देगी। अभी बंदोबस्त में वर्षों लग जाते हैं। इसे कम किया जाना है। बंदोबस्त में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल किया जाना है। - जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री
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