हिमाचल प्रदेश में जमीन के बंदोबस्त की लंबी प्रक्रिया को अब छोटा किया जा रहा है। प्रदेश सरकार इसके लिए बंदोबस्त के नियमों में बदलाव कर रही है। बदलाव के बाद पांच साल में बंदोबस्त कर जमीन की सीमाएं तय की जाएंगी। अभी तक जो व्यवस्था चल रही है, उसके अनुसार 40 साल में एक बार बंदोबस्त करने का प्रावधान है। बंदोबस्त के नियम बदलने को लेकर सचिवालय में राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई है। इसमें भूमि अभिलेख निदेशक, बंदोबस्त और राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निदेशक भूमि अभिलेख को कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में सेवानिवृत्त अधिकारी (जिन्होंने पहले बंदोबस्त किया है) को भी शामिल करने को कहा है। 10 दिन के भीतर कमेटी अधिसूचित होगी। एक महीने के भीतर कमेटी मौजूदा व्यवस्था का अध्ययन कर नियमों में जरूरी बदलाव के सुझाव देगी।
हिमाचल में जमीन के बंदोबस्त के नियमों में बदलाव किया जा रहा है। इसको लेकर कमेटी गठित करने को कहा गया है। 10 दिन के भीतर कमेटी गठित होगी। एक महीने के भीतर सरकार को यह कमेटी रिपोर्ट देगी। अभी बंदोबस्त में वर्षों लग जाते हैं। इसे कम किया जाना है। बंदोबस्त में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल किया जाना है। - जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री