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तीसरी लहर से बच्चों को बचाने की तैयारियां जीरो

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दयपुर (लाहौल-स्पीति)। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते इससे बच्चों को बचाने की तैयारियां जीरो हैं। इसमें बच्चों के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन लाहौल-स्पीति जिले में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। कोरोना में जिले के सैकड़ों बच्चों का स्वास्थ्य रामभरोसे है। ऐसे में अगर बच्चे महामारी की चपेट में आते हैं तो उन्हें कुल्लू अस्पताल के लिए रैफर करने के सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं है। इससे आने वाले दिनों में जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के लोगों की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं।
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गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में सात विशेषज्ञों के पद स्वीकृत हैं। लेकिन यहां एकमात्र विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं। उदयपुर, शांशा और काजा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। 16 पीएचसी और 37 सब सेंटर हैं। लाहौल-स्पीति निवासी रामलाल, महेंद्र, सुनील कुमार और श्याम लाल ने कहा कि सरकार को जनजातीय क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को देखते हुए बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती करनी चाहिए, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। कोरोना संक्रमण की चपेट में बच्चों के आने से लोगों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में तैनात डॉ. मदन लाल बंधू ने कहा कि जिले में तैनात चिकित्सक ही बच्चों की रूटीन जांच कर रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ न होने से मुश्किलें आ सकती है। बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य खाली पदों का ब्यौरा विभागीय उच्चाधिकारियों व सरकार को पत्र के माध्यम से प्रेषित किया गया है।
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