फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: जागरूकता के हथियार से नशे का खात्मा करेंगे युवा

Sun, 15 Feb 2026 09:32 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
विज्ञापन
कुल्लू में स्वास्थ्य विभाग शिक्षण संस्थानों में करवाएगा जागरूकता सत्र
विज्ञापन

शेड्यूल जारी, विद्यार्थियों की कांउसलिंग कर नशे पर नकेल कसेगी टीम
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले में नशे की जड़ पर चोट करने के लिए अब युवाओं के बीच संवाद होगा। 17 से 20 फरवरी तक जिले के शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता सत्रों के जरिये प्रशिक्षुओं को न केवल दुष्प्रभाव बताए जाएंगे, बल्कि उन्हें बदलाव का वाहक बनाने की रणनीति पर भी काम होगा।
जिले में नशा निवारण के लिए पुलिस, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षुओं के लिए विशेष जागरूकता सत्र करवाएगा। इसके लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। तय शेड्यूल के अनुसार टीम शिक्षण संस्थानों में जाएगी और प्रशिक्षुओं की काउंसलिंग करेगी। इसके लिए दो औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई), एक बहुतकनीकी संस्थान और एक बीएड कॉलेज शामिल हैं।
विज्ञापन

17 फरवरी को राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सेउबाग, 18 को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शमशी, 19 को बीएड कॉलेज और 20 को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पतलीकूहल में जागरूकता सत्र होंगे। इनमें नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र भुंतर के प्रभारी डॉ. सत्यव्रत वैद्य और जन शिक्षा संप्रेषण अधिकारी निर्मला महंत मुख्य वक्ता रहेंगे। प्रशिक्षुओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाया जाएगा। इससे होने वाली शारीरिक और पारिवारिक हानि के प्रति सजग किया जाएगा। युवाओं के सहयोग से नशे पर नकेल कसी जाएगी।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर ने कहा कि नशे पर नकेल कसने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। 17 से 20 फरवरी तक चार शिक्षण संस्थानों में जागरूकता सत्र करवाए जाएंगे। इसके लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। प्रशिक्षुओं को नशे को न कहने और लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए सजग रहने का संदेश दिया जाएगा।
विज्ञापन


नशे के आदी महिला-पुरुष हो रहा उपचार
भुंतर स्थित स्वास्थ्य विभाग के नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र में नशे के आदी पुरुष और महिला मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसमें जिला कुल्लू ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से नशे की चपेट में आ चुके लोग उपचार करवाने आ रहे हैं। यह प्रदेश का एकमात्र ऐसा सरकारी पुनर्वास केंद्र हैं जिसमें महिलाओं का उपचार भी किया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें