लाहौल में मयाड़ नाले में आई बाढ से डूबे पुल को निकालने के लिए एलएनटी को खेतों से ले जाते हुए।-स
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मयाड़ घाटी का करपट गांव पिछले 16 दिन से सड़क सुविधा से वंचित है। इसके कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। करपट नाले में 18 अगस्त को बाढ़ आ गई थी। इससे मयाड़ नाला में झील बन गई थी। इससे करपट गांव को सड़क से जोड़ने वाला पुल पानी में डूब गया था। किसान पुराने झूले पुल को ठीक कर अपनी फूलगोभी की फसल मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने बुधवार को करपट पुल से आवाजाही सुचारु करने के लिए काम शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से मयाड़ नाले में एलएनटी मशीन लगा दी गई है। मशीन के माध्यम से नाले में पानी की निकासी का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि पानी की निकासी होने के बाद पुल फिर से बाहर आ जाएगा और किसानों को अपनी नगदी फसलें समय पर मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।
हालांकि, मयाड़ नाले तक मशीनरी पहुंचाना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय किसान कश्मीर सिंह ने मशीन को नाले तक पहुंचाने के लिए अपनी जमीन से रास्ता देने की अनुमति दी। भारी लोहे की चेन वाली मशीन खेत से गुजरने के कारण वहां लगी राजमा और आलू की फसल पूरी तरह खराब हो गई। लोक निर्माण विभाग चिनाव मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता अश्वनी गुलेरिया ने बताया कि पहले भेजी गई बड़ी मशीन में खराबी आ गई थी। अब पानी की सही निकासी के लिए दूसरी मशीन मौके पर भेजी गई है।