स्कूल भवन के निर्माण के लिए 2019 में जारी हुई थी 65 लाख रुपये की राशि
सुविधाओं के अभाव से आधी रह गई स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के डिगेढ़ में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के भवन का निर्माण सात साल से अधर में लटका है। 2019 में 65 लाख रुपये मंजूर होने के बावजूद निर्माण कार्य लंबे समय से ठप है।
इस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या भी आधी रह गई है। अभिभावक और स्कूल समिति सरकार और शिक्षा विभाग से निर्माण शुरू करने की मांग कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों में भी सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति रोष है।
जानकारी के अनुसार स्कूल भवन के निर्माण के लिए 2019 में लगभग 65 लाख रुपये की राशि मंजूर हुई थी। 2020 में इसका काम शुरू हुआ। कुछ महीने तक काम किया गया। इसके बाद निर्माण कार्य पांच साल से अधर में लटका है। कई विद्यार्थी नए भवन की आस में स्कूल से पढ़ाई पूरी कर निकल भी गए लेकिन शिक्षा का मंदिर नहीं बन पाया।
लोगों का कहना है कि 10 कमरों के इस निर्माणाधीन भवन के पिलर और लेंटर भी खराब होना शुरू हो गया है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिराम, मुख्य सलाहकार श्याम लाल ठाकुर, सदस्य राकेश कुमार, राजीव कुमार, चंद्र कुमार, मोहिनी, सतपाल और डोलमा देवी ने कहा कि नए भवन को लेकर डिगेढ़ स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावकों में उत्साह था लेकिन सात साल से भवन का काम लटकने से निराशा है। अध्यक्ष ने कहा कि कुछ साल पहले 270 विद्यार्थी स्कूल में पढ़ते थे लेकिन अब संख्या घटकर 145 रह गई है। स्कूल में शिक्षकों की कमी और अन्य सुविधाओं के अभाव से अभिभावकों ने अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों के लिए स्थानांतरित किया है। उन्होंने कहा कि स्थिति अगर ऐसी ही रही तो स्कूल में छात्र-छात्राओं की संख्या और भी कम हो जाएगी। स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों के हित में भवन का निर्माण शुरू किया जाए। अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि किन कारणों से स्कूल भवन का निर्माण कार्य लटका हुआ है। इसको लेकर शिक्षा विभाग से रिपोर्ट ली जाएगी।