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Kullu News: पांगी घाटी के लिए 33केवी लाइन बिछाने का काम रोका

Sat, 17 Jan 2026 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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वन विभाग ने दिया एफसीए क्लीयरेंस न होने का हवाला
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बिजली बोर्ड बोला - एफसीए की जरूरत नहीं होती

दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत वर्ष पांगी के किलाड़ में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस के मौके पर पांगी घाटी को 33 केवी विद्युत लाइन से जोड़ने की घोषणा की थी। वर्तमान में यह कार्य थिरोट से पांगी घाटी के शौर तक लगभग 70 किलोमीटर तक पहुंंच चुका है लेकिन अब इसका काम रुक गया है।
जानकारी के अनुसार यह कार्य वन विभाग और बिजली बोर्ड की खींचतान के चलते फंस गया है। इससे 4.5 मेगावाट की क्षमता वाली थिरोट परियोजना से किलाड़ तक बिछ रही 33 केवी लाइन की महत्वपूर्ण योजना का कार्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। 90 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाने के लिए 45 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सितंबर 2025 में यह काम शुरू हुआ था, दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। वन विभाग ने इस कार्य को एफसीए की अनुमति न होने का तर्क देकर रोक दिया है। अब बिजली बोर्ड को वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही साच से आगे लाइन बिछाने का कार्य करना होगा।
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बिजली बोर्ड पांगी के अधिकारियों के मुताबिक थिरोट से किलाड़ तक 90 किमी में यह विद्युत लाइन बिछाई जानी है। शोर तक करीब 70 किमी में यह काम हुआ है। यहां से आगे का यह कार्य एफसीए के फेर में फंस गया है। हालांकि इस लाइन बिछाने का कार्य शुरू होने से क्षेत्र के लोग काफी खुश थे लेकिन अब कार्य रुक जाने से लोगों में काफी नाराजगी है।

66 केवी तक की विद्युत लाइन डालने के लिए एफसीए क्लीयरेंस की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि शौर तक इसी आधार पर लाइन बिछाई गई है। ऐसे में शौर से आगे किलाड़ की ओर बिछने वाली लाइन का कार्य रोके जाने से कार्य प्रभावित हुआ है। - सुनील चंदेल, वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता किलाड़ (पांगी)
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शौर तक यह लाइन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की सड़क के साथ लाई गई थी, इस पर वन विभाग की ओर से कोई आपत्ति नहीं थी। वहां से यह लाइन रिजर्व फॉरेस्ट से होकर गुजर रही है। इसके लिए वन संरक्षण अधिनियम 1980 (संशोधित 2023) के तहत वन स्वीकृति (एफसीए क्लीयरेंस) आवश्यक है। जो बिजली बोर्ड नहीं ली है, इसी कारण नियमों के तहत इस कार्य को रोकना पड़ा है। - रवि गुलेरिया, वन मंडलाधिकारी किलाड़ (पांगी)
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