कुल्लू। महानाटी को गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करवाने के लिए कुल्लू की महिलाएं एक बार फिर ढालपुर में कार्निवाल में उतरीं। पट्टू, धाठू, बुमणी, गाची, चंद्रहार आदि पहनकर महिलाएं जब मालरोड पर उतरीं तो हर कोई कुल्लवी रंग में रंगा नजर आया। कुल्लवी परिधानों में सजी महिलाओं की नाटी देखने के लिए लोग उमड़ी।
महिलाओं में कार्निवाल को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। महिलाएं चूल्हा चौका छोड़ कार्निवाल में शामिल होने के लिए पहुंचीं। कार्निवाल में 76 महिला मंडलों की 1,800 महिलाओं ने हिस्सा लिया। हर उम्र की महिलाएं कार्निवाल में शामिल हुईं।
खास बात यह है कि महिला मंडल ऊझी घाटी, लगघाटी, पार्वती घाटी सहित अन्य क्षेत्रों की ये महिलाएं सुबह नौ बजे ही आयोजन स्थल पर सजधज कर पहुंच गई थीं।
महिलाओं ने एक साथ सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर महिला सशक्तीकरण का संदेश भी दिया। खासकर बुजुर्ग महिलाओं ने कार्निवाल में शामिल होकर सबको प्रेरित किया।
कार्निवाल में शामिल हुई पार्वती घाटी की महिला रूमा देवी ने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। महिलाएं हर मंच पर अपनी प्रतिभा को साबित करते हुए आगे बढ़ रही हैं।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की परियोजना निदेशक जयबंती ठाकुर ने कहा कि कार्निवाल में महिलाओं में काफी अधिक उत्साह देखने को मिला। कुल्लवी संस्कृति से देश-दुनिया को रूबरू करवाने और अपनी संस्कृति से युवा पीढ़ी जुड़ी रही, इसलिए यह आयोजन किया गया है। संवाद