लोनिवि के चिनाब उपमंडल में मस्टररोल पर पूर्व में तैनात कुछ स्थानीय मजदूरों ने विभाग पर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाया है कि मस्टररोल पर तैनात नेपाली मजदूरों से विभाग के कुछ अधिकारी सरकारी काम लेने के बजाय अपने निजी आवासों में प्राइवेट काम करवा रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी ने स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने के बजाय नेपाली मजदूरों को मस्टररोल पर रखा है।
बताया जा रहा है लोक निर्माण विभाग हर साल सर्दियों में हेलीपैडों से बर्फ हटाने के लिए मजदूरों को छह माह के लिए रोजगार प्रदान करता है। लेकिन, इस बार करीब दस स्थानीय मजदूरों को आवेदन के बावजूद रोजगार नहीं दिया गया। मजदूर धर्मपाल, प्रेमदास, अर्जुन और उनके अन्य साथियों ने आरोप लगाया कि लोनिवि के कुछ अधिकारी नेपाली मजदूरों से इसकी आड़ में अपने निजी आवास पर काम करवाते हैं। जबकि, स्थानीय मजदूर इसका पहले से ही विरोध करते आ रहे हैं। मजदूरों के हकों को लेकर आवाज उठा रही गैर सरकारी संस्था ग्रामीण युवा संगठन के संयोजक एडवोकेट सुदर्शन ठाकुर ने कहा कि विभाग अपना निजी स्वार्थ साधने के लिए स्थानीय मजदूरों का हक छीन रहा है। ठाकुर ने कहा कि कुछ सरकारी अधिकारियों के निजी आवास में काम करते हुए ऐसे मजदूरों का उनका पास वीडियो क्लिप मौजूद है, जिसे विजिलेंस के साथ राज्य सरकार को जल्द सौंपा जाएगा।
मामले को लेकर स्थानीय मजदूरों ने एसडीएम उदयपुर डॉ. अमित गुलेरिया को लिखित शिकायत पत्र भी सौंपा है। इधर, एसडीएम ने बताया कि उन्हें इस संदर्भ में दस स्थानीय मजदूरों का हस्ताक्षरित शिकायत पत्र मिला है। उन्होंने लोनिवि के एसडीओ को नेपालियों की जगह स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने का आदेश जारी किया है। जबकि, कुछ लोगों को प्रशासन राष्ट्रीय महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत मस्टररोल जारी करेगा।