गत सप्ताह मनाली में आयोजित विंटर कार्निवाल पिछले साल की तुलना में कम बजट में आयोजित किया गया। इस बार खास यह रहा कि कम बजट में चार स्टार नाइटों का भी आयोजन किया गया। जबकि, इससे पहले स्टार नाइटों का आयोजन नहीं होता था। हालांकि, इस बार कुछ गांव के महिला मंडलों ने कार्निवाल में भाग नहीं लिया, लेकिन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद 68 महिला मंडलों ने कार्निवाल में भागीदारी सुनिश्चित की। इसमें लालड़ी नाटी का भी विशेष आयोजन था, जो पहली बार हुआ है।
जानकारी के मुताबिक पिछले साल कार्निवाल के लिए 41 लाख रुपये से अधिक खर्च हुआ था। जबकि, इस बार खर्च का आंकड़ा 35 लाख पार भी नहीं कर पाया है। उल्लेखनीय है कि इस बार विंटर कार्निवाल का आयोजन करवाना प्रशासन के लिए आसान नहीं था। क्योंकि एनजीटी के आदेशों के बाद मनाली के लोग पहले ही कार्निवाल का बहिष्कार करने का एलान कर चुके थे। कार्निवाल के दौरान पंचायतीराज चुनाव भी थे। लेकिन, इसके बावजूद मनाली प्रशासन ने मोर्चा संभाला। एसडीएम मनाली ज्योति राणा खुद महिला मंडलों से मिलीं। कार्निवाल के प्रमोशन के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला में भी कार्यक्रम किए। एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने बताया कि पिछले साल जहां कार्निवाल पर 41 लाख खर्च हुआ था। इस बार यह खर्च केवल 35 लाख के करीब है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए लोगों का भी आभार प्रकट किया।
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शरद सुंदरी प्रतियोगिता पर भी कम खर्च
पिछले साल अकेले शरद सुंदरी प्रतियोगिता में प्रशासन ने आठ लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें इनाम की राशि एक लाख 80 हजार अलग थी। यानी कुल 9.80 लाख खर्च हुआ था। लेकिन इस बार इस आयोजन के लिए केवल 80 हजार खर्च हुए। इसमें 50 हजार रुपये ब्रूमिंग के लिए और 30 हजार मेकअप के लिए खर्च हुए। इनाम की राशि 1.80 हजार को जोड़ कर पूरा खर्च 2.60 लाख रुपये हुआ। यह पिछले साल के मुकाबले 7.20 लाख कम था।