कुल्लू। जिले में लावारिस पशुओं की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस समस्या का हम सभी को मिलकर समाधान निकालना होगा। यह बात मंगलवार को कुल्लू में आयोजित एक प्रेसवार्ता में मणिकर्ण घाटी के समाजसेवी शेरा नेगी ने कही। उन्होंने कहा कि मणिकर्ण घाटी में बरशैणी से लेकर भुंतर तक लावारिस पशुओं की भरमार है। ये पशु जहां बगीचों और खेतों में किसानों व बागवानों का नुकसान पहुंचा रहे हैं वहीं सड़क पर वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान निकालने के लिए एक मुहिम शुरू की गई है। घाटी के महिला मंडल, अन्य संगठनों व समाजसेवी शाट में एकत्रित होंगे और विचार-विमर्श करने के बाद समस्या का हल तलाशेंगे। गाय को गोमाता का दर्जा दिया गया है, लेकिन यही गोमाता आज दर-दर की ठोकरें खा रही है। गाय की हुई दुर्दशा के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। सरकार और विभाग की ओर से लावारिस पशुओं के लिए आज तक योजनाएं सिर्फ कागजों में ही बनाई गईं। धरातल पर इन योजनाओं नहीं उतारा गया। घाटी में घूम रहे लावारिस पशुओं के लिए गोसदन बनाने के साथ ही व्यवस्था बनाने की भी जरूरत है। लोगों को शाट में होने वाली विशेष बैठक में शामिल होने के लिए अपील की जा रही है। इस दौरान रामलाल आदि मौजूद रहे।