कुल्लू। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे देशी-विदेशी कलाकारों ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। कल्चरल परेड देखने के लिए ढालपुर में हजारों की भीड़ उमड़ी। मालरोड पर सड़क के दोनों ओर लोगों ने परेड का आनंद उठाया।
लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ढालपुर में मालरोड के दोनों तरफ पुलिस ने रस्सी लगाकर लोगों को सड़क पर आने से रोका। रंग-बिरंगे परिधानों में सजकर 17 देशों के दल, देश के 10 राज्यों के दल और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के दल अटल सदन स्थित मैदान से मालरोड की तरफ चले तो हर कोई परेड को देखने के लिए उमड़ पड़ा। परेड में जहां कुल्लवी संस्कृति नजर आई वहीं विदेशी संस्कृति की झलक देखकर लोग रोमांचित हुए।
अंतरराष्ट्रीय दशहरा में दूसरी बार कल्चरल परेड हुई है। कल्चरल परेड में शामिल होने वाले कलाकारों में काफी अधिक उत्साह देखने को मिला। लोगों ने सीटियां और शोर मचाकर देशी-विदेशी कलाकारों का हौसला बढ़ाया। कल्चरल परेड देखने आए वासुदेव शर्मा, अमर धीमान, रोहित कुमार और लेस राम ने कहा कि कल्चरल परेड लोगों के लिए एक अलग अनुभव है। विदेशी संस्कृति को जानने का इससे बेहतर और कोई माध्यम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कुल्लवी पट्टू, लाहौली चोलू पहनकर दल ने पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
लोगों में मोबाइल से वीडियो और फोटो खींचने का क्रेज देखने को मिला। रथ मैदान जाकर रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों के साथ फोटो भी खिंचवाए।
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सुबह हुई थी परेड की रिहर्सल
कुल्लू दशहरा के अवसर पर ढालपुर में हुई कल्चरल परेड की सुबह के समय रिहर्सल हुई थी। रिहर्सल के दौरान सभी देशी, विदेशी सांस्कृतिक दलों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी बताई गई थी। कल्चरल परेड के लिए प्रशासन के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
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