अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में पर्यटकों को लेकर पहुंचे पर्यटक।-संवाद
अटल टनल रोहतांग बनने के बाद सीधे लाहौल घाटी जा रहे सैलानी
अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल और साउथ पोर्टल बने स्नो पॉइंट
संजय ठाकुर
पतलीकूहल (कुल्लू)। फरवरी के पहले और दूसरे वीकेंड में कुल्लू, मनाली, मणिकर्ण और बंजार घाटी में अपेक्षाकृत सैलानियों की आमद कम देखने को मिल रही है।
लाहौल की वादियों में भी बहार आ गई है। पर्यटन कारोबार से जुड़े होटलियर, टैक्सी ऑपरेटर और व्यापारियों का कहना है कि बर्फबारी के बावजूद इस बार वीकेंड पर भी वह रौनक नजर नहीं आ रही जो आमतौर पर सर्दियों के सीजन में मनाली की पहचान रही है। हालांकि मनाली का आकर्षण और पहचान आज भी बरकरार है और यह देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है लेकिन सैलानियों के ट्रैवल पैटर्न में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है।
पर्यटन कारोबारियों के अनुसार जो सैलानी कुल्लू-मनाली पहुंच रहे हैं, उनमें पर्यटकों की बड़ी संख्या अब मनाली में लंबे समय तक रुकने के बजाय सीधे सोलंगनाला होते हुए अटल टनल पार कर सिस्सू और लाहौल घाटी की ओर रुख कर रही है। सोलंगनाला में बर्फ के नजारे लेने के बाद सैलानी अटल टनल से कुछ ही मिनटों में लाहौल पहुंच रहे हैं। सिसू, गोंदला और अन्य स्थानों की प्राकृतिक सुंदरता उन्हें आकर्षित कर रही है। अटल टनल के नॉर्थ और साउथ पोर्टल स्नो पॉइंट बने हुए हैं।
पर्यटन विशेषज्ञ अमन शर्मा ने कहा कि अटल टनल बनने के बाद पर्यटन का दायरा बढ़ा है। इसका लाभ लाहौल घाटी के पर्यटन कारोबार को मिल रहा है। पहले भारी बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा बंद होने से लाहौल का संपर्क कई महीनों तक कट जाता था। अब पूरे साल सड़क सुविधा उपलब्ध होने से सैलानियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है।