पहाड़ों पर बर्फबारी होने से गिरा तापमान, फलों की सेटिंग पर पड़ेगा विपरीत असर
नाशपाती के पौधों में फूलों के झड़ने का भी सताया डर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में मौसम बिगड़ने से बागवान चिंतित हो गए हैं। दरअसल इन दिनों नाशपाती के पौधों में फ्लावरिंग का दौर चल रहा है। प्लम के पौधों में फ्लावरिंग के बाद अब सेटिंग हो रही है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और एकाएक तापमान गिरने से फलों की सेटिंग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सेब पर मौसम का अभी असर नहीं है। सेब के पौधे स्पर ग्रीन टिप अवस्था में अभी नहीं पहुंचे हैं। ग्रीन टिप अवस्था के बाद सेब पौधों में फ्लावरिंग होगी। नाशपाती के पौधों में फूल खिले हैं। बारिश का दौर जारी रहा तो फूल झड़ जाएंगे। इसका खामियाजा बागवानों को भुगतना पड़ सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्लम की फसल भी मौसम के बिगड़े मिजाज से प्रभावित हो सकती है।
पिछले साल भी मौसम की बेरुखी के चलते नाशपाती की फसल प्रभावित हुई थी। जिले में नाशपाती की फसल आधा से भी कम हुई थी। ऐसे में बागवानों को फ्लावरिंग सीजन में मौसम का मिजाज बिगड़ने से चिंता सताने लगी है। जिले में करीब 2500 से अधिक हेक्टेयर भूमि में प्लम और 500 हेक्टेयर भूमि में नाशपाती का उत्पादन हो रहा है।
घाटी के बागवान खेम चंद, रेवत राम ठाकुर और धीरज शर्मा ने कहा कि बर्फबारी होने के बाद तापमान में एकाएक गिरावट आई है। रात को आसमान साफ रहने की सूरत में फूलों पर पाला पड़ने का डर बना हुआ है। पाला पड़ने से पेड़ों में फूल झड़ जाते हैं। कहा कि प्लम और नाशपाती की बेहतर सेटिंग के लिए मौसम का साफ रहना जरूरी है। संवाद
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क्या कहते हैं अधिकारी
फलों की बेहतर सेटिंग के लिए मौसम का अनुकूल रहना आवश्यक है। सेब सहित अन्य फलों की इस बार अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।
-बीएम चौहान, उपनिदेशक, बागवानी विभाग