कुल्लू। जिले में मंगलवार शाम को बारिश हुई, जबकि दिनभर मौसम साफ बना रहा। कुल्लू और बंजार सहित अन्य क्षेत्रों में शाम को भारी बारिश हुई। कहीं कम तो कहीं मूसलाधार बारिश हो रही है। एक सप्ताह पहले भी ब्यासर के साथ लगते क्षेत्रों में भारी बारिश से नालों में बाढ़ आ गई थी। दूसरी ओर पहाड़ों पर हिमपात का सिलसिला शुरू हो गया है।
पहाड़ों पर हिमपात से अब ठंड लौटने लगी है। जूून, जुलाई में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। अब सुबह और शाम के समय ठंड महसूस होने लगी है। जैसे-जैसे बारिश का सिलसिला आगे बढ़ेगा, कुल्लू में ठंड और बढ़ेगी। बताया जाता है कि 20 भादो के बाद पहाड़ों में बर्फ पड़ना शुरू हो जाती है। इसके बाद सर्दी की शुरुआत होती है। 20 भादो के बाद लाहौल और अन्य ऊंचे पहाड़ों में भेड़ चराने गए भेड़पालक भी अब निचले क्षेत्रों की ओर लौटना शुरू हो जाते हैं। कुल्लू घाटी के विद्वान इंद्रदेव शास्त्री और डॉॅ. सूरत राम ठाकुर कहते हैं कि 15 सितंबर के बाद ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है। कहा कि सायर पर्व के बाद कुल्लू में ठंड की शुरुआत मानी जाती है। संवाद