स्वास्थ्य विभाग ने जलशक्ति महकमे से पेयजल स्रोतों की तत्काल जांच करने को कहा
जिले में एक महीने के भीतर 150 से अधिक लोग पाए गए हैं संक्रमित
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में हेपेटाइटिस-ए संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है। एक महीने में 150 से अधिक लोगों के संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है।
दूषित पानी को संभावित कारण मानते हुए विभाग ने जलशक्ति विभाग को सभी पेयजल स्रोतों की तत्काल जांच करने के लिए पत्राचार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
विभाग का मानना है कि कहीं लोगों के इस बीमारी की चपेट में आने की वजह दूषित पानी तो नहीं है, ऐसे में जल शक्ति विभाग को इसका पता लगाने के लिए कहा है। स्वास्थ्य विभाग भी मामलों की लगातार मॉनीटरिंग कर रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की मेडिसिन और शिशु रोग ओपीडी में रोजाना पांच से दस मरीज हेपेटाइटिस-ए के मिल रहे हैं। चिकित्सक मामलों की पुष्टि के लिए मरीजों में लक्षण मिलने पर रक्त नमूनों की जांच करवा रहे हैं। उनमें भी मरीज हेपेटाइटिस-ए बीमारी से पॉजीटिव पाए जा रहे हैं जो बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने जलशक्ति विभाग को पेयजल की जांच करने के लिए पत्राचार किया है।
इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि अस्पताल में रोजाना हेपेटाइटिस-ए के मामले आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के मरीज इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। कहा कि जलशक्ति विभाग को पेयजल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग हेपेटाइटिस-ए की चपेट में आने से बचे।
शहर में भरे 30 से अधिक पेयजल सैंपल
जिला मुख्यालय कुल्लू में पेयजल के 3 0 से अधिक सैंपल लिए गए हैं। ये सभी सैंपल रामशिला से लेकर टीकरा बाबड़ी तक क्षेत्र में अलग-अलग जगहों से भरे गए हैं। इनकी रिपोर्ट में कोई खामी नहीं मिली है। हालांकि, लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए क्लोरीन दवा भी लगातार भंडारण टैंकों में डाली जा रही है। -अंकित बिष्ठ, सहायक अभियंता जलशक्ति विभाग