सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को दिया डिजिटल शिक्षा का प्रशिक्षण
मौहल में तीन दिन तक चली कार्यशाला, 47 शिक्षकों ने लिए टिप्स
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दृष्टिबाधित विद्यार्थी विद्यालयों में जेमिनी और चैट जीपीटी के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। इसके लिए सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इसके लिए नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड और इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन वेनेटिक के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें उन सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया जिनमें दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
जिले के मौहल में डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम के तहत डिजिटल शिक्षा की तकनीक पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। तीन दिन तक 47 शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से सुलभ विद्यालय उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों को पढ़ाने, प्रश्न पत्र और नोट्स तैयार करने की तकनीक सिखाई गई। इसके अलावा कक्षाओं में विद्यार्थियों के लिए जेमिनी और चैट जीपीटी जैसे उपकरणों का उपयोग कर विज्ञान प्रस्तुति तैयार करना भी बताया गया। नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड संस्था की सचिव शालिनी वत्स किमटा ने कहा कि डिजिटल साक्षरता से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिले। इसके लिए समावेशी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आधुनिक और किफायती सहायक तकनीक का उपयोग कर मुद्रित अक्षमता वाले विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में शामिल करने पर जानकारी दी गई।