लाहौल में हालड़ा उत्सव के दौरान लाहौलवासी।
रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। देवी-देवताओं के लिए समर्पित हालडा उत्सव लाहौल घाटी के रंगलो से शुरू हो गया है। रविवार को रंगलो घाटी में हालडा उत्सव मनाया गया। इस बार सूखे के बीच ही उत्सव मनाया गया। रविवार देर रात कोकसर पंचायत के तेलिंग, लालिंग, खरचो, बोगचा और सरखंग गांव में हालडा उत्सव की धूम रही। पूरी घाटी रात के समय हालडा में मशालों की रोशनी से चमक उठी।
स्पीति उपमंडल में दिसंबर में ही लोसर उत्सव मनाया गया था। लाहौल में 21 जनवरी से हालडा उत्सव शुरू हुआ है। रोपसंग से लेकर गोंपाथांग, शाशिन, सिस्सू, यंगलिंग, जगदंग, केवग, छोकर, रंगलो सरखंग सहित लबरंग गांव में रात को लोग चबूतरे में मशाल लेकर एकत्रित हुए। हालडा निकाल कर बुरी शक्तियों को दूर भगाया गया।
नए परिधानों से सुसज्जित महिलाओं ने सत्तू और देसी घी मिलाकर बलाराजा तैयार किए। इसके बाद पूजा-अर्चना कर हालडा उत्सव का शुभारंभ किया। जगदंग में हालडा पर्व से पहले घुमाती पूजा की गई। सोमवार को घाटी में कुसिल मनाया गया, जिसमें परिवार के लोगों ने घरों में रहकर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया। मंगलवार को नमदोई पर्व मनाया जाएगा। इसमें लोग एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई के साथ आपस में फूल भेंट करेंगे। लोगों में हालडा उत्सव को लेकर खुशी का माहौल है। संवाद