मलाणा के समीप बादल फटने से तबाह हुई स्कीमों को विभाग नहीं अब ग्रामीण खुद की जुट गए है। करीब नौ
कुल्लू। मलाणा में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से चौहकी गांव की ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति को बहाल करने के लिए ग्रामीणों ने खुद ही कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों का इंतजार किया लेकिन कोई भी योजना को दुरुस्त करने नहीं पहुंचा। इंतजार के बाद अब प्यास बुझाने के लिए ग्रामीणों ने पेयजल पाइपों को योजना के मुख्य स्रोत तक पहुंचा दिया है। अभी इन्हें जोड़ना बाकी है। ग्रामीणों ने एक-दो दिनों में पेयजल आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य रखा है। शुक्रवार को करीब 30 से अधिक ग्रामीण कार्य में जुटे रहे। खड़ी पहाड़ी से पाइप मुश्किल से बिछाए गए।
बीते दिनों बादल फटने की घटना के बाद प्रभावित गांवों के लोग स्वयं ही राहत कार्यों में जुट गए हैं। मलाणा में शुक्रवार को ग्रामीण हेलीपैड बनाने के कार्य में डटे रहे। अब पौहल गांव का संपर्क भी जुड़ गया है। गांव का संपर्क करीब एक सप्ताह से कटा रहा। ग्रामीणों ने मलाणा के उफनते नाले पर चौहकी के समीप पुल लगाया है। अब पौहल के लोगों की आवाजाही आसान हो गई है। वहीं बलाधी के लोग भी इस पुल से आरपार हो सकते हैं। इससे पहले लोग चार किलोमीटर की चढ़ाई पार कर पीणी जाने को मजबूर थे।
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प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेजी से किया जा रहा है। शनिवार को बलाधी क्षेत्र का एक बार फिर से दौरा किया जाएगा।
-विकास शुक्ला, एसडीएम कुल्लू
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जिला परिषद सदस्य का आरोप, नहीं आए अधिकारी
बरशैणी वार्ड से जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया शुक्रवार को बलाधी गांव पहुंची। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रशासन का कोई अधिकारी बलाधी गांव में नहीं पहुंचा। महज राहत राशि देकर अपना पल्लू झाड़ लिया गया। अगर प्रशासन ने इनकी बात नहीं सुनी तो सड़कों पर उतरेंगे।