सैंज के बनोगी देहुरी पटाहरा में महामाई दुर्गा को समर्पित हूम में पहुंचे देवलू।
सैंज (कुल्लू)। सैंज के पटाहरा में महामाई दुर्गा के लिए समर्पित हूम (पर्व) मनाया गया। इसमें माता के दर्शन के लिए पटाहरा में हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर में देव परंपरा का निर्वहन किया गया। 14 सितंबर रात को जैसे ही मां दुर्गा का रथ मंदिर से बाहर निकला तो सैकड़ों हारियानों ने 200 मशालों के साथ सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया।
सैकड़ों लोगों ने मां भगवती नव दुर्गा के दर्शन किए और दुख, बीमारी दूर करने और सुख-शांति समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। हारियानों ने जलती हुई मशालें लेकर भगवती दुर्गा के मंदिर परिसर में देर रात एकत्रित होकर माता के देवालय से बाहर निकलने के बाद तीन बार परिक्रमा की। दावा किया गया कि इस दौरान आसुरी शक्तियों को भी खदेड़ा गया।
हूम में बनोगी, सुचैहण और दुशाहड़ पंचायतों के कई गांवों के लोगों के अलावा रैला, पलदी, शैंशर, शांघड़, भलाण, कनौन, धाऊगी सहित अन्य इलाकों के लोगों ने भी हाजिरी भरी। बता दें कि हूम के सात दिन पहले से ही भगवती के प्रमुख कारकूनों ने उपवास रखा होता है। आदिकाल से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार मुख्य कारकूनों को बाल काटना और शेव करना वर्जित होता है।
जमीन पर आसन लगाकर सोना पड़ता है। भगवती नव दुर्गा कमेटी के प्रधान चमन राणा, देवी दुर्गा के कारदार किशन चंद, डोले राम, रोशन लाल शर्मा, पुजारी लीलाधर शर्मा, भंडारी अनंत राम ने बताया कि हूम में बड़ी संख्या में लोगों ने देवी दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया है। संवाद