कुल्लू। देव परंपरा की रस्म लंका दहन का निर्वहन होते ही अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का समापन हो गया है। लंका दहन के लिए देवी-देवताओं के साथ निकली रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु उमड़े।
सोमवार को लंका दहन के कारण कॉलेज गेट ढालपुर से लेकर अंतरराज्यीय बस अड्डा कुल्लू (सरवरी) तक वाहनों की आवाजाही रुक-रुक कर होती रही। वाहनों और लोगों की भीड़ अत्यधिक रही।
रथयात्रा के समय इस मार्ग पर आवाजाही पूर्णतया बंद रखी गई, ताकि देव परंपरा के निर्वहन में कोई बाधा न आए। दशहरा उत्सव के चलते लंबे रूटों की बसों को 24 अक्तूबर से ही वामतट पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (मनाली-चंडीगढ़) से भेजा जा रहा है। कुल्लू-भुंतर जाने वाली बसों को अस्थायी बस अड्डा से संचालित किया जा रहा है।
छोटे वाहनों को ढालपुर से सरवरी तक आवाजाही की अनुमति दी गई है, लेकिन रथयात्रा के दौरान करीब 03:30 से 04:30 बजे तक छोटे वाहनों की आवाजाही भी ढालपुर-सरवरी के बीच बंद रही। रथयात्रा के बाद ढालपुर-सरवरी के बीच छोटे वाहनों के लिए आवाजाही सामान्य की गई। संवाद