मनाली (कुल्लू)। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआईटीपी) प्राप्त बाहरी राज्यों के वाहनों पर बढ़ाए गए टैक्स के चलते मनाली का पर्यटन कारोबार चौपट हो गया है।
बाहरी राज्यों के वाहन संचालकों पर टैक्स की दोहरी मार पड़ रही है। सोमवार को मनाली में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर की अध्यक्षता में पर्यटन से जुड़ी सभी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। कहा कि प्रदेश सरकार ने जुलाई में राज्य मोटर व्हीकल टैक्सेसन एक्ट 1972 में संशोधन करते हुए बाहरी राज्यों के ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली गाड़ियों पर एक सितंबर से टैक्स लगाने की अधिसूचना जारी की है।
मुकेश ठाकुर ने कहा कि बाहरी राज्यों के ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट प्राप्त वाहनों पर बढ़ाए गए टैक्स को सरकार कम करे। सरकार के इस निर्णय से बाहरी राज्यों के ट्रैवल एजेंट पर्यटकों को हिमाचल नहीं भेज रहे हैं। इसी वजह से दशहरा में भी पर्यटन कारोबार गति नहीं पकड़ पाया है।
बैठक में होटल एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार गजेंद्र ठाकुर, महामंत्री निहाल ठाकुर, प्रदेश वोल्वो एसोसिएशन के महासचिव आनंत ठाकुर, ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश ठाकुर, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर, लग्जरी कोच एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्म ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाहरी राज्यों के पर्यटक वाहनों पर बढ़ाए टैक्स को घटाने का आश्वासन दिया है, मगर अभी टैक्स घटाया नहीं है। संवाद