लाहौल घाटी की जोबरंग पंचायत के अन्तर्गत रापे गांव के समीप वासुकी नाग झील का नजारा।-संवाद
विकास न होने से नहीं पहुंच रहे सैलानी, सरकार ध्यान दे तो बढ़ेगा पर्यटन कारोबार
वासुकी नाग झील से कुगती पास होकर चंबा की मणिमहेश झील तक पहुंचता है ट्रैक
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में रापे गांव के समीप शांत और बेहद खूबसूरत वासुकी नाग झील और इसके आसपास का नजारा अलौकिक है।
यह स्थल विकसित न होने से गिने-चुने पर्यटक ही इस झील को निहारने के लिए पहुंचते हैं। पर्यटक वासुकी नाग झील और इसके आसपास की खूबसूरती की तारीफ करते नहीं थकते हैं। यह स्थान केलांग-उदयपुर के बीच मुख्य सड़क जोबरंग से महज पांच किलोमीटर दूर है। इसमें चार किलोमीटर रापे गांव तक सड़क भी है पर्यटकों के लिए मुलभूत सुविधाओं की कमी है। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि सरकार पर्यटन स्थल के विकास पर ध्यान दे तो इस क्षेत्र में पर्यटक खिंचे चले आएंगे।
इस झील से होकर कुगती पास होते हुए चंबा जिले की मणिमहेश झील तक पहुंचा जा सकता है। गर्मियों में काफी संख्या में श्रद्धालु इस ट्रैक से आवाजाही करते हैं। जोबरंग पंचायत में रापे गांव से एक किलोमीटर के फासले पर वासुकी नाग झील प्राकृतिक सुंदरता से लवरेज है, लेकिन विकसित न होने से पर्यटक यहां पहुंच नहीं पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि हट बनाए जा सकते हैं। सर्दियों में आइस स्केटिंग रिंक बनाया जा सकता है।
वासुकी नाग झील के विकास के लिए सरकार और प्रशासन के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से रखेंगे। यहां से 37 किमी दूर मणिमहेश झील है। यहां सुविधाएं मिलने से मणिमहेश आने जाने के लिए ठहराव की सुविधा मिलेगी। - सोम देव योकी, पूर्व प्रधान जोबरंग पंचायत
वासुकी नाग झील को कुदरत ने सुंदरता से नवाजा है। यदि सरकार और प्रशासन वासुकी नाग झील के आसपास स्थल को विकसित करते हैं तो यह जगह प्रसिद्ध हो जाएगी। - इंद्रजीत भानू, राशेल निवासी