कुल्लू। जिले में पहली बार दूरबीन से बच्चेदानी को निकालने का ऑपरेशन हुआ है। क्षेत्रीय अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने 48 वर्षीय मरीज का सफल ऑपरेशन किया है। ऑपरेशन के बाद महिला स्वस्थ है। शुक्रवार को महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दूरबीन से बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन होने के बाद अब महिलाओं को मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
कुल्लू अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को 48 वर्षीय महिला मरीज शारदा का दूरबीन से ऑपरेशन करने में दो से ढाई घंटे का समय लगा। अधिक समय लगने का कारण पहली बार ऑपरेशन करना रहा, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की मेहनत रंग लाई और महिला का बिना दर्द के जटिल ऑपरेशन कर डाला। मरीज और परिजनों की सहमति के बाद चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया था, जो बिलकुल सही साबित हुआ है। इसका फायदा अब जिले की अन्य महिला मरीजों को भी मिल सकेगा।
अब ऑपरेशन के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इस संबंध में कुल्लू अस्पताल की गायनी विशेषज्ञ डॉ. ललिता बंसल ने कहा कि 48 वर्षीय महिला करीब दो साल से बीमार चल रही थीं। वह कुछ ही समय पहले अस्पताल में उपचार करवाने आईं लेकिन मरीज का ऑपरेशन करना ही पड़ा। कहा कि दूरबीन के माध्यम से ऑपरेशन किया गया है। ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ है और शुक्रवार को छुट्टी दे दी जाएगी।
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विशेषज्ञ टीम ने किया ऑपरेशन
गायनी विशेषज्ञ डॉ. ललिता बंसल की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम ने दूरबीन के माध्यम से बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन किया है। ऐसे में अब मरीजों को जिले के बाहर उपचार के लिए नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात है, जिसका फायदा प्रत्यक्ष रूप से मरीजों को मिल रहा है। पहला सफल ऑपरेशन करने में गायनी विशेषज्ञ डॉ. ललिता बंसल के साथ एनेस्थेटिक डॉ. विभूति, डॉ. ईशा, ऑपरेशन थियेटर सहायक (ओटीए) भारती के अलावा नर्स अंजलि, स्मृति, नीलम और अन्य स्टाफ शामिल रहा।
-डॉ. नरेश चंद, चिकित्सा अधीक्षक कुल्लू अस्पताल
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जल्द होती है रिकवरी
मरीज का दूरबीन से बच्चेदानी का ऑपरेशन होने पर जल्द रिकवरी होती है। इससे दर्द भी कम होता है। अस्पताल से छुट्टी जल्द मिलती है। चीर-फाड़ कम होती है और टांके भी कम लगते हैं। जिले में यह सुविधा उपलब्ध है, जिसके कारण मरीजों को जिले के बाहर ही जाना पड़ता था। अब क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू दूरबीन से बच्चेदानी का ऑपरेशन करने वाला एकमात्र सरकारी अस्पताल बना है।
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